📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gdaniec
स्थानीय
रीवा के ग्रामीणों ने ड्रिलिंग मशीनें लौटाई, परमाणु प्लांट से इनकार
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 08 अक्टू. 2026, 07:31 AM
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रीवा के सिरमौर क्षेत्र में ग्रामीणों ने जमीन सर्वे के लिए उपयोग की गई ड्रिलिंग मशीनें लौटाई, यह कहते हुए कि वे योजनाओं के लाभ छोड़ देंगे पर गांव में परमाणु प्लांट नहीं चलने देंगे।
सिरमौर क्षेत्र में 28 लाख करोड़ रुपये का परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। यह परियोजना महत्वपूर्ण निवेश और ऊर्जा उत्पादन लाने का दावा करती है, पर स्थानीय निवासियों ने इसे लेकर गहरी चिंता जताई है।
ग्रामीणों ने जमीन सर्वे के लिये लायी गई ड्रिलिंग मशीनें लौटाकर स्पष्ट रूप से प्लांट के खिलाफ अपना रुख दिखाया। मशीनें बिना किसी क्षति के अधिकारियों को सौंप दी गईं।
समुदाय ने कहा कि वे योजनाओं के लाभ छोड़ने को तैयार हैं, परंतु अपने गाँव में परमाणु संयंत्र नहीं चलने देंगे। सुरक्षा, पर्यावरणीय प्रभाव और दीर्घकालिक जोखिमों को लेकर उनकी चिंताएँ प्रमुख हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने विरोध को स्वीकार करते हुए कहा कि वे समुदाय के साथ संवाद करेंगे। परियोजना का भविष्य अब भी अनिश्चित है, क्योंकि वार्ताएँ जारी हैं।
ग्रामीणों ने जमीन सर्वे के लिये लायी गई ड्रिलिंग मशीनें लौटाकर स्पष्ट रूप से प्लांट के खिलाफ अपना रुख दिखाया। मशीनें बिना किसी क्षति के अधिकारियों को सौंप दी गईं।
समुदाय ने कहा कि वे योजनाओं के लाभ छोड़ने को तैयार हैं, परंतु अपने गाँव में परमाणु संयंत्र नहीं चलने देंगे। सुरक्षा, पर्यावरणीय प्रभाव और दीर्घकालिक जोखिमों को लेकर उनकी चिंताएँ प्रमुख हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने विरोध को स्वीकार करते हुए कहा कि वे समुदाय के साथ संवाद करेंगे। परियोजना का भविष्य अब भी अनिश्चित है, क्योंकि वार्ताएँ जारी हैं।