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अपराध
रीवा निवासी ओम प्रकाश गुप्ता ने हाईकोर्ट में निरुद्ध आदेश को चुनौती दी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 21 अक्टू. 2026, 10:45 PM
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रीवा के ओम प्रकाश गुप्ता ने भोपाल केंद्रीय जेल में निरुद्ध आदेश को असंवैधानिक कह कर एमपी हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने संभागायुक्त रीवा को जवाब देने का नोटिस जारी किया।
रीवा के निवासी ओम प्रकाश गुप्ता ने एमपी हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने भोपाल केंद्रीय जेल में निरुद्ध किए जाने के आदेश को असंवैधानिक बताया है। उन्होंने कहा कि रीवा के संभागायुक्त द्वारा जारी यह आदेश कानूनी आधार से रहित है और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है।
गुप्ता का तर्क है कि बिना उचित प्रक्रिया के किया गया यह निरुद्ध आदेश मनमाना है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मान्य नहीं हो सकता। उन्होंने अदालत से इस आदेश को रद्द करने की मांग की है।
इन दावों के जवाब में एमपी हाईकोर्ट ने रीवा के संभागायुक्त को नोटिस जारी कर लिखित उत्तर देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि वह इस आदेश की वैधता की जांच करेगा और आवश्यकतानुसार आगे की कार्यवाही करेगा।
यह मामला कार्यपालिका की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर प्रभाव डालने वाली कार्रवाइयों की न्यायिक समीक्षा को उजागर करता है। यदि कोर्ट इस आदेश को असंवैधानिक मानता है, तो यह राज्य में समान मामलों में precedent स्थापित कर सकता है।
वर्तमान में मामला लंबित है और संभागायुक्त को कोर्ट द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर उत्तर देना होगा।
गुप्ता का तर्क है कि बिना उचित प्रक्रिया के किया गया यह निरुद्ध आदेश मनमाना है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मान्य नहीं हो सकता। उन्होंने अदालत से इस आदेश को रद्द करने की मांग की है।
इन दावों के जवाब में एमपी हाईकोर्ट ने रीवा के संभागायुक्त को नोटिस जारी कर लिखित उत्तर देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि वह इस आदेश की वैधता की जांच करेगा और आवश्यकतानुसार आगे की कार्यवाही करेगा।
यह मामला कार्यपालिका की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर प्रभाव डालने वाली कार्रवाइयों की न्यायिक समीक्षा को उजागर करता है। यदि कोर्ट इस आदेश को असंवैधानिक मानता है, तो यह राज्य में समान मामलों में precedent स्थापित कर सकता है।
वर्तमान में मामला लंबित है और संभागायुक्त को कोर्ट द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर उत्तर देना होगा।