📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
राजनीति
संपत्ति विवाद पर सीएम रेवंत रेड्डी ने केटीआर पर खींची नाराज़गी
✍️ Amar Ujala
🗓 08 नव. 2026, 05:48 PM
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केटीआर पर अपनी बहन को परिवार की संपत्ति में हिस्सा नहीं देने और उन्हें घर से निकालने का आरोप लगाया है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना के मंत्री केटीआर पर तीखी राजनीतिक आलोचना की है, जिसमें उन्होंने एक निजी परिवारिक विवाद को उनकी चरित्र की गवाही के रूप में प्रस्तुत किया है। रेड्डी का आरोप है कि केटीआर ने अपनी बहन कविता को परिवार की संपत्ति में उसका हकदार हिस्सा नहीं दिया और बाद में उन्हें उनके निवास से निकाल दिया।
मुख्यमंत्री ने इस घटना का इस्तेमाल केटीआर की ईमानदारी के सवाल उठाने के लिए किया, यह संकेत देते हुए कि उनके अपने परिवार के भीतर व्यवहार उनके सार्वजनिक जीवन में आचरण का प्रतिबिंब है। मीडिया से बातचीत करते हुए, रेड्डी ने अपनी आलोचना केवल केटीआर तक सीमित नहीं रखी, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री और केटीआर के पिता केसीआर को भी इस चर्चा में शामिल किया, जिससे परिवार में आचरण का एक पैटर्न होने का संकेत दिया गया।
यह राजनीतिक बहस कर्नाटक और तेलंगाना के नेताओं के बीच चल रही प्रतिद्वंद्विता को नया मोड़ देती है। सीएम रेड्डी के इन टिप्पणियों से केटीआर और उनके राजनीतिक सहयोगियों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है, जो इन आरोपों को बेबुनियाद राजनीतिक अफवाहें कहकर खारिज करने की कोशिश करेंगे।
परिवार की संपत्ति को लेकर यह विवाद अब राजनीतिक बहस का केंद्रीय बिंदु बन गया है, जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ राज्य विधानसभाओं और सार्वजनिक मंचों पर अंक जोड़ने के लिए इस निजी मामले का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस घटना का इस्तेमाल केटीआर की ईमानदारी के सवाल उठाने के लिए किया, यह संकेत देते हुए कि उनके अपने परिवार के भीतर व्यवहार उनके सार्वजनिक जीवन में आचरण का प्रतिबिंब है। मीडिया से बातचीत करते हुए, रेड्डी ने अपनी आलोचना केवल केटीआर तक सीमित नहीं रखी, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री और केटीआर के पिता केसीआर को भी इस चर्चा में शामिल किया, जिससे परिवार में आचरण का एक पैटर्न होने का संकेत दिया गया।
यह राजनीतिक बहस कर्नाटक और तेलंगाना के नेताओं के बीच चल रही प्रतिद्वंद्विता को नया मोड़ देती है। सीएम रेड्डी के इन टिप्पणियों से केटीआर और उनके राजनीतिक सहयोगियों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है, जो इन आरोपों को बेबुनियाद राजनीतिक अफवाहें कहकर खारिज करने की कोशिश करेंगे।
परिवार की संपत्ति को लेकर यह विवाद अब राजनीतिक बहस का केंद्रीय बिंदु बन गया है, जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ राज्य विधानसभाओं और सार्वजनिक मंचों पर अंक जोड़ने के लिए इस निजी मामले का इस्तेमाल कर रहे हैं।