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विदेश से लौटे एनआरआई बनेंगे 2027 पंजाब चुनावों की नई शक्ति
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / - HOGRE -
राजनीति

विदेश से लौटे एनआरआई बनेंगे 2027 पंजाब चुनावों की नई शक्ति

✍️ Amar Ujala · Jalandhar 🗓 08 सित. 2026, 10:17 AM 👁 29
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विदेश से लौटे एनआरआई पंजाब की राजनीति में नई ताकत बन रहे हैं, जिससे 2027 के विधानसभा चुनावों में पार्टियों की रणनीति बदल रही है।

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों के करीब आते ही गैर‑स्थानीय भारतीयों (एनआरआई) की वापसी ने राजनीति में नई गतिशीलता पैदा कर दी है। विदेश में स्थापित कई पेशेवर, उद्यमी और सामाजिक नेता अब स्थानीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए लौट रहे हैं।

राज्य की प्रमुख पार्टियों ने एनआरआई समुदाय को अपनी रणनीति में शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। वे इन प्रवासियों को वित्तीय सहायता, संगठित क्षमता और विदेश‑भारत संबंधों के माध्यम से मतदाता आधार के रूप में देख रही हैं। कई पार्टी इकाइयों ने विशेष संपर्क समूह बनाए हैं ताकि लौटते एनआरआई को पार्टी के कार्यक्रमों में सम्मिलित किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि एनआरआई नेटवर्क शहरी क्षेत्रों जैसे जालंधर और लुधियाना में चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है, जहाँ प्रवासी संबंध मजबूत हैं। जबकि इसका वास्तविक असर अभी स्पष्ट नहीं है, इसे नई चुनावी पूंजी माना जा रहा है जो उम्मीदवार चयन और नीतियों को पुनः आकार दे सकता है।
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