📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Daniel Arauz
धर्म
खजुराहो के जवारी मंदिर में 11वीं सदी की विष्णु प्रतिमा की बहाली शुरू
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 06 अक्टू. 2026, 05:01 PM
👁 15
एएसआई ने खजुराहो के जवारी मंदिर में स्थापित 11वीं सदी की विष्णु प्रतिमा की बहाली के लिए विशेषज्ञ टीम गठित की है।
खजुराहो के यूनेस्को‑सूचीबद्ध समूह में शामिल जवारी मंदिर में 11वीं सदी की भगवान विष्णु की खंडित पत्थर की प्रतिमा स्थित है, जिसका मस्तक कई दशकों से गायब है। यह प्रतिमा मध्यकालीन शिल्प कला का दुर्लभ नमूना है।
भारत के पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अब इस प्रतिमा की बहाली की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की है। तकनीकी अध्ययन के लिए पुरातत्वविद्, संरक्षक और शिल्प विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है, जो क्षति का मूल्यांकन, टुकड़ों का दस्तावेजीकरण और मूल शैली से मेल खाने वाला नया मस्तक स्थापित करने की योजना बनाएगी।
एएसआई ने बताया कि कार्य राष्ट्रीय धरोहर दिशानिर्देशों के तहत किया जाएगा, जिससे प्रतिमा की ऐतिहासिक अखंडता बनी रहेगी। बहाली के बाद यह विष्णु प्रतिमा जवारी मंदिर के सांस्कृतिक महत्व को बढ़ाएगी और खजुराहो की समृद्ध कलात्मक विरासत को देखने के लिए विद्वानों और पर्यटकों को आकर्षित करेगी।
भारत के पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अब इस प्रतिमा की बहाली की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की है। तकनीकी अध्ययन के लिए पुरातत्वविद्, संरक्षक और शिल्प विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है, जो क्षति का मूल्यांकन, टुकड़ों का दस्तावेजीकरण और मूल शैली से मेल खाने वाला नया मस्तक स्थापित करने की योजना बनाएगी।
एएसआई ने बताया कि कार्य राष्ट्रीय धरोहर दिशानिर्देशों के तहत किया जाएगा, जिससे प्रतिमा की ऐतिहासिक अखंडता बनी रहेगी। बहाली के बाद यह विष्णु प्रतिमा जवारी मंदिर के सांस्कृतिक महत्व को बढ़ाएगी और खजुराहो की समृद्ध कलात्मक विरासत को देखने के लिए विद्वानों और पर्यटकों को आकर्षित करेगी।