📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of the National Capital Territory of De
राजनीति
स्लैपगेट मामले में दिल्ली मंत्री के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
✍️ ndtv.com
🗓 29 सित. 2026, 08:18 AM
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स्लैपगेट मामले में दिल्ली के एक मंत्री के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है, जिससे पुलिस की जांच शुरू हुई है।
दिल्ली पुलिस ने एक वरिष्ठ मंत्री के खिलाफ "स्लैपगेट" मामले में दर्ज शिकायत के बाद औपचारिक एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में मंत्री द्वारा अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया गया है, जिससे पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू की है।
मामले के बारे में जानकारी रखने वाले स्रोतों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने कहा है कि उसने स्वयं इस घटना को देखा, जिसमें मंत्री के साथ शारीरिक टकराव हुआ था। पुलिस ने मंत्री को पूछताछ के लिए बुलाया है और उपलब्ध वीडियो या फोटो सबूतों की जांच कर रही है।
यह कदम राजधानी में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है, जहाँ विपक्षी दलों ने पहले ही पारदर्शी जांच की मांग की थी। मंत्री के कार्यालय ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, पर अंदरूनी लोगों का कहना है कि जल्द ही प्रतिक्रिया दी जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि शिकायत दर्ज होना दोष सिद्ध नहीं करता, पर यह भारतीय दंड संहिता के तहत प्रक्रिया शुरू करता है। यह मामला मीडिया और राजनीतिक पर्यवेक्षकों द्वारा बारीकी से देखा जाएगा।
यह घटना दिल्ली के सार्वजनिक अधिकारियों के आचरण के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है, विशेषकर आगामी चुनावी माहौल में।
मामले के बारे में जानकारी रखने वाले स्रोतों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने कहा है कि उसने स्वयं इस घटना को देखा, जिसमें मंत्री के साथ शारीरिक टकराव हुआ था। पुलिस ने मंत्री को पूछताछ के लिए बुलाया है और उपलब्ध वीडियो या फोटो सबूतों की जांच कर रही है।
यह कदम राजधानी में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है, जहाँ विपक्षी दलों ने पहले ही पारदर्शी जांच की मांग की थी। मंत्री के कार्यालय ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, पर अंदरूनी लोगों का कहना है कि जल्द ही प्रतिक्रिया दी जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि शिकायत दर्ज होना दोष सिद्ध नहीं करता, पर यह भारतीय दंड संहिता के तहत प्रक्रिया शुरू करता है। यह मामला मीडिया और राजनीतिक पर्यवेक्षकों द्वारा बारीकी से देखा जाएगा।
यह घटना दिल्ली के सार्वजनिक अधिकारियों के आचरण के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है, विशेषकर आगामी चुनावी माहौल में।