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रायबरेली में नगर पालिका के नाम पर अवैध वसूली का बड़ा मामला, ऑटो व मिनीबस चालकों से दोहरी फीस और रसीद न मिलने की शिकायत
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रायबरेली में नगर पालिका के ठेके के तहत ऑटो, ई‑रिक्शा, सीएनजी ऑटो और मिनीबस चालकों से निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली और रसीद न देने का आरोप लगा है, जिससे चालक संघ ने जांच की मांग की है।
रायबरेली में नगर पालिका के नाम पर चल रहे एक कथित सिंडिकेट ने शहर के प्रमुख बॉर्डर प्वाइंटों और मार्गों पर ठेके वाले वाहनों, ऑटो, ई‑रिक्शा, सीएनजी ऑटो और मिनीबस चालकों से निर्धारित शुल्क से अधिक रकम वसूलने का आरोप लगाया है। शारदा नहर से लेकर सारस चौराहा और सुल्तानपुर रोड तक यह अवैध वसूली का खेल चालक वर्ग में चर्चा का विषय बन गया है।
ड्राइवरों का कहना है कि ऑटो से निर्धारित 35 रुपये के बजाय 70 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि ई‑रिक्शा और सीएनजी ऑटो चालकों से प्रतिदिन नकद रकम ली जा रही है। शारदा नहर पर भी नगर पालिका के नाम पर दोहरी फीस ली जा रही है, जहाँ निर्धारित 35 रुपये के स्थान पर 55 से 70 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। सारस चौराहा से सुल्तानपुर रोड पर लगभग 30 टेंपो से 55‑70 रुपये वसूले जा रहे हैं, और 12 मिनीबसों में से केवल चार को ही रसीद दी जा रही है, शेष बसों से बिना रसीद के रकम ली जा रही है, जहाँ एक चक्कर के नाम पर 200 रुपये तक की मांग की जा रही है।
चालकों ने बताया कि नियमानुसार वसूली चुंगी चौकी पर होनी चाहिए, परन्तु वास्तविक वसूली शारदा नहर पर हो रही है और कई बार रसीद या टोकन नहीं दिया जाता। इस कारण भुगतान का हिसाब सरकारी अभिलेखों में दर्ज नहीं हो रहा, जिससे यह प्रश्न उठता है कि इस नकदी का प्रबंधन किसके पास है। स्थानीय लोगों ने वैध ठेके और वसूली की अनुमति को लेकर भी शंका जताई है।
अब जिला प्रशासन, नगर पालिका और जिला पंचायत के अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। चालक संघ ने सभी वसूली केंद्रों की जाँच, ठेके और सरकारी दरों का सत्यापन तथा बिना रसीद रकम लेने वालों की जवाबदेही तय करने का आग्रह किया है, ताकि इस प्रकार की मनमानी वसूली को रोका जा सके।
ड्राइवरों का कहना है कि ऑटो से निर्धारित 35 रुपये के बजाय 70 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि ई‑रिक्शा और सीएनजी ऑटो चालकों से प्रतिदिन नकद रकम ली जा रही है। शारदा नहर पर भी नगर पालिका के नाम पर दोहरी फीस ली जा रही है, जहाँ निर्धारित 35 रुपये के स्थान पर 55 से 70 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। सारस चौराहा से सुल्तानपुर रोड पर लगभग 30 टेंपो से 55‑70 रुपये वसूले जा रहे हैं, और 12 मिनीबसों में से केवल चार को ही रसीद दी जा रही है, शेष बसों से बिना रसीद के रकम ली जा रही है, जहाँ एक चक्कर के नाम पर 200 रुपये तक की मांग की जा रही है।
चालकों ने बताया कि नियमानुसार वसूली चुंगी चौकी पर होनी चाहिए, परन्तु वास्तविक वसूली शारदा नहर पर हो रही है और कई बार रसीद या टोकन नहीं दिया जाता। इस कारण भुगतान का हिसाब सरकारी अभिलेखों में दर्ज नहीं हो रहा, जिससे यह प्रश्न उठता है कि इस नकदी का प्रबंधन किसके पास है। स्थानीय लोगों ने वैध ठेके और वसूली की अनुमति को लेकर भी शंका जताई है।
अब जिला प्रशासन, नगर पालिका और जिला पंचायत के अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। चालक संघ ने सभी वसूली केंद्रों की जाँच, ठेके और सरकारी दरों का सत्यापन तथा बिना रसीद रकम लेने वालों की जवाबदेही तय करने का आग्रह किया है, ताकि इस प्रकार की मनमानी वसूली को रोका जा सके।