📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Singer Ravindra Singh
राजनीति
राजस्थान में रविंद्र सिंह भाटी के साथ नरेश मीणा और यूनुस खान की तीसरे मोर्चे की संभावनाएँ
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 13 अक्टू. 2026, 11:45 AM
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निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी नरेश मीणा और यूनुस खान के साथ राजस्थान में तीसरा राजनीतिक मोर्चा बनाने की तीव्र चर्चाओं में हैं, जो मीणा के आंदोलन में उनकी भागीदारी के बाद तेज हुई है।
राजस्थान की राजनीति में तीसरे मोर्चे की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है, जब निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने नरेश मीणा के हालिया आंदोलन में भाग लिया। स्रोतों के अनुसार, भाटी, मीणा और पूर्व मंत्री यूनुस खान ने एक नई गठबंधन बनाने के लिये विस्तृत वार्ता शुरू कर दी है, जो राज्य में मौजूदा पार्टी समीकरणों को चुनौती दे सकती है।
पिछले सप्ताह में तीव्र हुई इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य तीनों नेताओं के क्षेत्रीय प्रभाव को मिलाकर उन जिलों में समर्थन जुटाना है, जहाँ सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, परन्तु एक साझा एजेंडा तैयार किया जा रहा है, जिसमें किसान संकट, बेरोजगारी और कानून‑व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसा तीसरा मोर्चा आगामी विधानसभा चुनावों में मतदान के पैटर्न को बदल सकता है, जिससे कांग्रेस और भाजपा दोनों से वोटों का प्रवाह संभव हो सकता है। हालांकि, इस गठबंधन की सफलता उसके नीति‑प्लेटफ़ॉर्म की एकरूपता और जमीनी स्तर पर संगठित करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
इन वार्ताओं को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है और नेताओं ने कोई बयान नहीं दिया है। आने वाले हफ़्तों में किसी आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा की जाएगी।
पिछले सप्ताह में तीव्र हुई इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य तीनों नेताओं के क्षेत्रीय प्रभाव को मिलाकर उन जिलों में समर्थन जुटाना है, जहाँ सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, परन्तु एक साझा एजेंडा तैयार किया जा रहा है, जिसमें किसान संकट, बेरोजगारी और कानून‑व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसा तीसरा मोर्चा आगामी विधानसभा चुनावों में मतदान के पैटर्न को बदल सकता है, जिससे कांग्रेस और भाजपा दोनों से वोटों का प्रवाह संभव हो सकता है। हालांकि, इस गठबंधन की सफलता उसके नीति‑प्लेटफ़ॉर्म की एकरूपता और जमीनी स्तर पर संगठित करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
इन वार्ताओं को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है और नेताओं ने कोई बयान नहीं दिया है। आने वाले हफ़्तों में किसी आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा की जाएगी।