रट्टा में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया, राजस्व विभाग ने 10 हजार रुपये का दंड वसूला
21 अक्टूबर को बालाघाट के तहसील में राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने ग्राम रट्टा की पाँच एकड़ शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे शासन के कब्जे में लिया और अतिक्रमणकारी से 10 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला।
जिले में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में 21 अक्टूबर को तहसील बालाघाट के ग्राम रट्टा में राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने लगभग पाँच एकड़ शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे शासन के कब्जे में लिया।
रट्टा के निवासी रोमन लाल एवं जियालाल, पिता राम चरण त्महे द्वारा हल्का पटवारी के माध्यम से पटवारी हल्का नंबर 17/42 के अंतर्गत खसरा नंबर 285 एवं 371 की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की सूचना प्राप्त हुई। उक्त भूमि बड़े झाड़ के जंगल मद में दर्ज है।
तहसीलदार न्यायालय बालाघाट में प्रकरण पंजीबद्ध कर अभिलेखों एवं उपलब्ध तथ्यों की जांच तथा विधिवत सुनवाई के बाद अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए गए। आदेश के परिपालन में संबंधित पक्षों को निर्धारित समयावधि में अतिक्रमण हटाने और अर्थदंड जमा करने के निर्देश दिए गए।
निर्धारित अवधि में आदेश का पालन न होने पर 21 अक्टूबर को राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। नायब तहसीलदार बालाघाट श्रीमती मंजुला महोबिया, राजस्व निरीक्षक श्री हितेंद्र सिंह मर्सकोले, हल्का पटवारी श्री योगेश मेश्राम तथा पटवारी श्री किशोर पतले, श्री ओमप्रकाश दुबे एवं श्री गीत चाकोले सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण न करें तथा भूमि संबंधी नियमों का पालन करें।
रट्टा के निवासी रोमन लाल एवं जियालाल, पिता राम चरण त्महे द्वारा हल्का पटवारी के माध्यम से पटवारी हल्का नंबर 17/42 के अंतर्गत खसरा नंबर 285 एवं 371 की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की सूचना प्राप्त हुई। उक्त भूमि बड़े झाड़ के जंगल मद में दर्ज है।
तहसीलदार न्यायालय बालाघाट में प्रकरण पंजीबद्ध कर अभिलेखों एवं उपलब्ध तथ्यों की जांच तथा विधिवत सुनवाई के बाद अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए गए। आदेश के परिपालन में संबंधित पक्षों को निर्धारित समयावधि में अतिक्रमण हटाने और अर्थदंड जमा करने के निर्देश दिए गए।
निर्धारित अवधि में आदेश का पालन न होने पर 21 अक्टूबर को राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। नायब तहसीलदार बालाघाट श्रीमती मंजुला महोबिया, राजस्व निरीक्षक श्री हितेंद्र सिंह मर्सकोले, हल्का पटवारी श्री योगेश मेश्राम तथा पटवारी श्री किशोर पतले, श्री ओमप्रकाश दुबे एवं श्री गीत चाकोले सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण न करें तथा भूमि संबंधी नियमों का पालन करें।