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रात्रिकालीन निरीक्षण से बचा 132 kV सिवनी मालवा सबस्टेशन का 40 MVA ट्रांसफार्मर, बड़ा आर्थिक नुकसान टाला
एमपी ट्रांसको के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा सबस्टेशन में रात्रि निरीक्षण के दौरान पाई गई असामान्यता से बुशिंग फेल्योर को रोका गया, जिससे ट्रांसफार्मर और विद्युत आपूर्ति पर संभावित क्षति से बचाव हुआ।
एमपी ट्रांसको के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा स्थित 132 kV सबस्टेशन में रात्रिकालीन निरीक्षण के दौरान 40 MVA क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर में उत्पन्न असामान्यता का समय रहते पता चल गया, जिससे संभावित बुशिंग फेल्योर, उपकरण क्षति और विद्युत आपूर्ति पर प्रभाव को टाला गया।
आउटसोर्स सुरक्षा कर्मी आदर्श लावंशी ने निरीक्षण के दौरान ट्रांसफार्मर से असामान्य आवाज सुनी और तुरंत श्यामसुंदर गौर तथा नितिन कुमार गौर को सूचित किया। तीनों ने स्थिति का सूक्ष्म निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को त्वरित सूचना दी।
सहायक अभियंता बी.पी. द्विवेदी और कार्यपालन अभियंता (परीक्षण) लक्ष्मण आर्य ने अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य के मार्गदर्शन में लोड डिस्पैच सेंटर से समन्वय स्थापित कर ट्रांसफार्मर का आपातकालीन शटडाउन कराया। बाद में की गई जांच में बुशिंग के पैरामीटर असामान्य पाए गए, जिसके आधार पर बुशिंग को बदलने की कार्रवाई प्रारंभ की गई।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने बताया कि यदि बुशिंग की असामान्यता का समय रहते पता नहीं चलता, तो बुशिंग फेल्योर की स्थिति बन सकती थी, जिससे ट्रांसफार्मर को गंभीर क्षति, दुर्घटना, लंबे समय तक आउटेज और आर्थिक नुकसान की संभावना होती। समय पर रिपोर्टिंग और त्वरित तकनीकी कार्रवाई से संभावित फेल्योर, उपकरण क्षति, दुर्घटना एवं आर्थिक हानि को टाला गया।
एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि सबस्टेशनों में की जाने वाली नियमित रात्रिकालीन निगरानी एवं निरीक्षण व्यवस्था विद्युत प्रणाली की विश्वसनीयता तथा उपकरणों की सुरक्षा के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आउटसोर्स ऑपरेटर श्यामसुंदर गौर, नितिन कुमार गौर तथा सुरक्षा कर्मी आदर्श लावंशी की विवेकशीलता, सतर्कता एवं सजगता की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किए जाने के निर्देश दिए।
आउटसोर्स सुरक्षा कर्मी आदर्श लावंशी ने निरीक्षण के दौरान ट्रांसफार्मर से असामान्य आवाज सुनी और तुरंत श्यामसुंदर गौर तथा नितिन कुमार गौर को सूचित किया। तीनों ने स्थिति का सूक्ष्म निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को त्वरित सूचना दी।
सहायक अभियंता बी.पी. द्विवेदी और कार्यपालन अभियंता (परीक्षण) लक्ष्मण आर्य ने अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य के मार्गदर्शन में लोड डिस्पैच सेंटर से समन्वय स्थापित कर ट्रांसफार्मर का आपातकालीन शटडाउन कराया। बाद में की गई जांच में बुशिंग के पैरामीटर असामान्य पाए गए, जिसके आधार पर बुशिंग को बदलने की कार्रवाई प्रारंभ की गई।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने बताया कि यदि बुशिंग की असामान्यता का समय रहते पता नहीं चलता, तो बुशिंग फेल्योर की स्थिति बन सकती थी, जिससे ट्रांसफार्मर को गंभीर क्षति, दुर्घटना, लंबे समय तक आउटेज और आर्थिक नुकसान की संभावना होती। समय पर रिपोर्टिंग और त्वरित तकनीकी कार्रवाई से संभावित फेल्योर, उपकरण क्षति, दुर्घटना एवं आर्थिक हानि को टाला गया।
एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि सबस्टेशनों में की जाने वाली नियमित रात्रिकालीन निगरानी एवं निरीक्षण व्यवस्था विद्युत प्रणाली की विश्वसनीयता तथा उपकरणों की सुरक्षा के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आउटसोर्स ऑपरेटर श्यामसुंदर गौर, नितिन कुमार गौर तथा सुरक्षा कर्मी आदर्श लावंशी की विवेकशीलता, सतर्कता एवं सजगता की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किए जाने के निर्देश दिए।