रक्षा
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के प्रतिभागियों से कहा: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नवाचार और सहयोग आवश्यक
राष्ट्रपति ने 66वें राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय पाठ्यक्रम के संकाय और प्रतिभागियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का दायरा सैन्य क्षमताओं से आगे बढ़कर वैज्ञानिक संस्थानों और सशस्त्र बलों के बीच घनिष्ठ सहयोग की मांग करता है।
नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में 66वें राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (National Defence College) पाठ्यक्रम के संकाय और प्रतिभागियों ने राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सुरक्षा के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय सुरक्षा का दायरा केवल सैन्य क्षमताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई अन्य पहलू भी शामिल हो गए हैं।
राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों और सशस्त्र बलों के बीच निकट सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से ही नवाचारों को व्यावहारिक समाधानों में परिवर्तित किया जा सकता है, जो देश की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।
यह मुलाकात राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के 66वें पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रही, जिन्होंने राष्ट्रपति से सीधे संवाद कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर उनके विचार सुने।
राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों और सशस्त्र बलों के बीच निकट सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से ही नवाचारों को व्यावहारिक समाधानों में परिवर्तित किया जा सकता है, जो देश की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।
यह मुलाकात राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के 66वें पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रही, जिन्होंने राष्ट्रपति से सीधे संवाद कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर उनके विचार सुने।