📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Home Affairs
बिज़नेस
राजीव गौड़ा ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में भारत के अगले‑पीढ़ी सुधारों के लिए डीरगुलेशन की पुकार की
✍️ TRIPURA STAR NEWS
🗓 11 सित. 2026, 03:48 AM
👁 31
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में राजीव गौड़ा ने भारत के आगामी सुधारों में डीरगुलेशन को मुख्य आधार बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री राजीव गौड़ा ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में वित्तीय प्रौद्योगिकी के नवप्रवर्तकों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के समक्ष डीरगुलेशन को भारत के अगले‑पीढ़ी सुधारों की मुख्य विशेषता बताया। यह कार्यक्रम, जिसमें विश्व और घरेलू फिनटेक नेताओं का जमावड़ा है, गौड़ा को एक खुला और प्रतिस्पर्धी वित्तीय माहौल बनाने की सरकार की दृष्टि प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करता है।
गौड़ा ने कहा कि नियामक बाधाओं को कम करने से उत्पाद विकास तेज़ होगा, उपभोक्ताओं के लिए लागत घटेगी और विदेशी पूंजी भारत के बाजार में आकर्षित होगी। उन्होंने हालिया सैंडबॉक्स विस्तार और लाइसेंसिंग को सरल बनाने जैसे कदमों को हल्के नियामक दृष्टिकोण की ओर प्रारंभिक संकेत के रूप में उल्लेख किया।
मंत्री ने डीरगुलेशन को सरकार के व्यापक डिजिटल एजेंडा से जोड़ा, यह बताते हुए कि ब्लॉकचेन, एआई‑आधारित क्रेडिट स्कोरिंग और रीयल‑टाइम भुगतान जैसी उभरती तकनीकों को स्केल करने के लिए लचीला ढांचा आवश्यक है। उन्होंने उद्योग को नियामकों के साथ मिलकर ऐसी नीतियां बनाने का आह्वान किया जो नवाचार और उपभोक्ता सुरक्षा दोनों को संतुलित करे।
फेस्ट में उपस्थित विश्लेषकों ने इस संदेश का स्वागत किया और कहा कि स्पष्ट नियम भारत की वैश्विक फिनटेक रैंकिंग को ऊँचा कर सकते हैं और देश को डिजिटल वित्तीय हब बनने के लक्ष्य में मदद करेंगे।
गौड़ा ने कहा कि नियामक बाधाओं को कम करने से उत्पाद विकास तेज़ होगा, उपभोक्ताओं के लिए लागत घटेगी और विदेशी पूंजी भारत के बाजार में आकर्षित होगी। उन्होंने हालिया सैंडबॉक्स विस्तार और लाइसेंसिंग को सरल बनाने जैसे कदमों को हल्के नियामक दृष्टिकोण की ओर प्रारंभिक संकेत के रूप में उल्लेख किया।
मंत्री ने डीरगुलेशन को सरकार के व्यापक डिजिटल एजेंडा से जोड़ा, यह बताते हुए कि ब्लॉकचेन, एआई‑आधारित क्रेडिट स्कोरिंग और रीयल‑टाइम भुगतान जैसी उभरती तकनीकों को स्केल करने के लिए लचीला ढांचा आवश्यक है। उन्होंने उद्योग को नियामकों के साथ मिलकर ऐसी नीतियां बनाने का आह्वान किया जो नवाचार और उपभोक्ता सुरक्षा दोनों को संतुलित करे।
फेस्ट में उपस्थित विश्लेषकों ने इस संदेश का स्वागत किया और कहा कि स्पष्ट नियम भारत की वैश्विक फिनटेक रैंकिंग को ऊँचा कर सकते हैं और देश को डिजिटल वित्तीय हब बनने के लक्ष्य में मदद करेंगे।