📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
अपराध
राजस्थान में बानसूर निवासी पर फर्जी FMGE सर्टिफिकेट के लिए 22 लाख रुपये देकर गिरफ्तार
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 28 अक्टू. 2026, 01:16 PM
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राजस्थान के एसओजी ने बानसूर के राकेश कुमार यादव को 22 लाख रुपये देकर फर्जी FMGE सर्टिफिकेट बनवाने और इंटर्नशिप व मेडिकल रजिस्ट्रेशन के लिए उपयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बानसूर के निवासी राकेश कुमार यादव को फर्जी FMGE (फ़ॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्ज़ाम) सर्टिफ़िकेट बनवाने के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इस नकली दस्तावेज़ को तैयार करवाने के लिये 22 लाख रुपये भुगतान किए थे, जिसे इंटर्नशिप और मेडिकल रजिस्ट्रेशन के लिये इस्तेमाल किया गया।
जाँच में पता चला कि इस झूठे सर्टिफ़िकेट से मानक पात्रता जांच को बायपास कर इंटर्नशिप और राज्य मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण किया गया। एसओजी ने इस नेटवर्क के बारे में सूचना मिलने पर कार्रवाई शुरू की।
यादव को अब हिरासत में रखा गया है और मामला जिला मजिस्ट्रेट को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिये भेजा गया है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे घोटाले रोगी सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं और मेडिकल योग्यता की विश्वसनीयता को कम कर सकते हैं।
पुलिस ने अभी तक अन्य गिरफ्तारियों या इस फर्जी सर्टिफ़िकेट से लाभान्वित अन्य व्यक्तियों के बारे में जानकारी नहीं दी है। जांच जारी है।
जाँच में पता चला कि इस झूठे सर्टिफ़िकेट से मानक पात्रता जांच को बायपास कर इंटर्नशिप और राज्य मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण किया गया। एसओजी ने इस नेटवर्क के बारे में सूचना मिलने पर कार्रवाई शुरू की।
यादव को अब हिरासत में रखा गया है और मामला जिला मजिस्ट्रेट को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिये भेजा गया है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे घोटाले रोगी सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं और मेडिकल योग्यता की विश्वसनीयता को कम कर सकते हैं।
पुलिस ने अभी तक अन्य गिरफ्तारियों या इस फर्जी सर्टिफ़िकेट से लाभान्वित अन्य व्यक्तियों के बारे में जानकारी नहीं दी है। जांच जारी है।