📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sojat
शिक्षा
राजस्थान हाई कोर्ट ने जनरेशन Z‑अल्फ़ा मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई मांगी
✍️ Hindustan Times
🗓 25 अग. 2026, 02:17 PM
👁 21
राजस्थान हाई कोर्ट ने जनरेशन Z‑अल्फ़ा से जुड़ी चिंताओं को उठाते हुए, कई निर्देशों पर सरकार की प्रतिक्रिया माँगी है।
राजस्थान हाई कोर्ट ने जनरेशन Z और उभरते जनरेशन अल्फ़ा से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए कई याचिकाओं की सुनवाई शुरू की। याचिकाओं में कहा गया है कि मौजूदा नीतियां इन युवा वर्गों की शैक्षणिक, मानसिक स्वास्थ्य और रोजगार संबंधी जरूरतों को पर्याप्त रूप से नहीं संभाल रही हैं।
कोर्ट ने राज्य सरकार को विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया है, जिसमें शिक्षा, कौशल विकास और कल्याण योजनाओं में आवश्यक बदलाव या नई पहलों का विवरण शामिल हो। संबंधित मंत्रालयों को भी इन जनरेशनों के लिए चल रही पहलों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया।
हाई कोर्ट ने समय पर सरकारी कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि दीर्घकालिक सामाजिक‑आर्थिक अंतर को रोका जा सके। जवाब देने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई और अनुपालन न होने पर आगे की न्यायिक कार्रवाई का संकेत दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि युवा जनसंख्या के बढ़ते प्रतिशत को देखते हुए सरकार की नीतियों की प्रभावशीलता पर न्यायालय की बढ़ती निगरानी एक सकारात्मक संकेत है।
अगली सुनवाई में सरकार के जवाब की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर विचार किया जाएगा।
कोर्ट ने राज्य सरकार को विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया है, जिसमें शिक्षा, कौशल विकास और कल्याण योजनाओं में आवश्यक बदलाव या नई पहलों का विवरण शामिल हो। संबंधित मंत्रालयों को भी इन जनरेशनों के लिए चल रही पहलों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया।
हाई कोर्ट ने समय पर सरकारी कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि दीर्घकालिक सामाजिक‑आर्थिक अंतर को रोका जा सके। जवाब देने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई और अनुपालन न होने पर आगे की न्यायिक कार्रवाई का संकेत दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि युवा जनसंख्या के बढ़ते प्रतिशत को देखते हुए सरकार की नीतियों की प्रभावशीलता पर न्यायालय की बढ़ती निगरानी एक सकारात्मक संकेत है।
अगली सुनवाई में सरकार के जवाब की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर विचार किया जाएगा।