📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TrendSPLEND
राजनीति
राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा पत्रकारों से हो सकते हैं अतिक्रमण की सूचना
✍️ Live Law
🗓 02 सित. 2026, 02:35 AM
👁 73
राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा कि पत्रकार जनता की आँखें‑कान होते हैं और अतिक्रमण की जानकारी कलेक्टर को दे सकते हैं।
राजस्थान हाई कोर्ट ने जोधपुर में यह कहा कि पत्रकार जनता की आँखें‑कान होते हैं। कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण की घटनाओं को जिला कलेक्टर को सूचित करने का अधिकार पत्रकारों को है। यह टिप्पणी राज्य में अनधिकृत भूमि कब्जे को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है और प्रशासनिक कार्रवाई को तेज़ करने में मीडिया की भूमिका को सुदृढ़ करने का इरादा दर्शाती है।
कोर्ट ने कोई नया कानूनी प्रावधान नहीं दिया, बल्कि मौजूदा नियमों के तहत पत्रकारों को सूचना स्रोत के रूप में कार्य करने की अनुमति दी है, जिससे उन्हें किसी कानूनी जोखिम का सामना नहीं करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कलेक्टरों को वास्तविक समय में रिपोर्ट मिलने से जांच प्रक्रिया तेज़ होगी। साथ ही कोर्ट ने कहा कि ऐसी रिपोर्टिंग तथ्यात्मक होनी चाहिए और मानहानि से बचना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन और मीडिया संगठनों ने इस स्पष्टिकरण का स्वागत किया है, इसे राजस्थान में भूमि अतिक्रमण की निगरानी को अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना गया है।
कोर्ट ने कोई नया कानूनी प्रावधान नहीं दिया, बल्कि मौजूदा नियमों के तहत पत्रकारों को सूचना स्रोत के रूप में कार्य करने की अनुमति दी है, जिससे उन्हें किसी कानूनी जोखिम का सामना नहीं करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कलेक्टरों को वास्तविक समय में रिपोर्ट मिलने से जांच प्रक्रिया तेज़ होगी। साथ ही कोर्ट ने कहा कि ऐसी रिपोर्टिंग तथ्यात्मक होनी चाहिए और मानहानि से बचना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन और मीडिया संगठनों ने इस स्पष्टिकरण का स्वागत किया है, इसे राजस्थान में भूमि अतिक्रमण की निगरानी को अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना गया है।