📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shiraz Husain
बिज़नेस
राजस्थान हाई कोर्ट ने बाहरी राज्य निजी वाहनों पर कर को अवैध घोषित किया
✍️ The Hawk
🗓 04 नव. 2026, 04:32 AM
👁 15
राजस्थान हाई कोर्ट ने बाहरी राज्य के पंजीकृत निजी वाहनों पर लगाए गए कर को अवैध बताया, पहले की शुल्क वसूली को निरस्त किया।
जयपुर में बैठी राजस्थान हाई कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि राज्य बाहरी राज्य में पंजीकृत निजी वाहनों पर कर नहीं लगा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे कर का कोई वैध विधायी आधार नहीं है और यह राज्यों के बीच वस्तुओं व व्यक्तियों की स्वतंत्र आवाजाही के संवैधानिक सिद्धांत का उल्लंघन करता है।
यह फैसला उन वाहन मालिकों के समूह द्वारा दायर याचिका के बाद आया, जिन्होंने राज्य की प्रवेश बिंदुओं पर शुल्क वसूली को चुनौती दी थी। मोटर वाहन अधिनियम की प्रावधानों की जांच के बाद कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि राज्य सरकार ने अपनी अधिकार सीमा से अधिक कार्य किया है।
निर्णय के बाद कोर्ट ने राजस्थान परिवहन विभाग को सभी संग्रह कार्य रोकने और अब तक जमा किए गए शुल्क की वापसी करने का निर्देश दिया। विभाग को 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुख अन्य राज्यों में समान शुल्क लगाने की प्रथा पर भी असर डाल सकता है, जिससे देशभर में अंतरराज्यीय कर नीतियों की पुनः समीक्षा हो सकती है।
यह फैसला उन वाहन मालिकों के समूह द्वारा दायर याचिका के बाद आया, जिन्होंने राज्य की प्रवेश बिंदुओं पर शुल्क वसूली को चुनौती दी थी। मोटर वाहन अधिनियम की प्रावधानों की जांच के बाद कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि राज्य सरकार ने अपनी अधिकार सीमा से अधिक कार्य किया है।
निर्णय के बाद कोर्ट ने राजस्थान परिवहन विभाग को सभी संग्रह कार्य रोकने और अब तक जमा किए गए शुल्क की वापसी करने का निर्देश दिया। विभाग को 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुख अन्य राज्यों में समान शुल्क लगाने की प्रथा पर भी असर डाल सकता है, जिससे देशभर में अंतरराज्यीय कर नीतियों की पुनः समीक्षा हो सकती है।