📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TrendSPLEND
स्वास्थ्य
राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में ठोस सुधार की मांग की
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 05 नव. 2026, 09:15 AM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं, सरकारी अस्पतालों की बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं में ठोस सुधार दिखाना आवश्यक है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एक कठोर निर्देश जारी किया, जिसमें कई सरकारी अस्पतालों की बिगड़ी हुई स्थिति को उजागर किया गया। अदालत ने बताया कि बुनियादी ढाँचे की कमी, पर्याप्त चिकित्सा उपकरणों की अनुपलब्धता और रोगियों को मिलने वाली सेवा में गिरावट जैसी समस्याएँ लगातार बनी हुई हैं, जबकि अधिकारियों से बार‑बार आश्वासन दिया जाता रहा है।
आदेश में न्यायालय ने कहा कि केवल शब्दों में आश्वासन पर्याप्त नहीं, उन्हें जमीन पर ठोस कार्यों में बदलना होगा। स्वास्थ्य विभाग को एक विस्तृत कार्यान्वयन योजना निर्धारित समय में प्रस्तुत करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि सुधार रोगियों और कर्मचारियों दोनों को स्पष्ट रूप से दिखें।
यह फैसला सार्वजनिक अस्पतालों की सेवा गुणवत्ता को लेकर बढ़ती असंतुष्टि के बीच आया है, और न्यायालय की इस हस्तक्षेप से जवाबदेही और तेज़ सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रगति की नियमित रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है, तथा यदि सुधार अपर्याप्त रहे तो आगे की कार्रवाई करने का अधिकार अदालत ने सुरक्षित रखा है।
आदेश में न्यायालय ने कहा कि केवल शब्दों में आश्वासन पर्याप्त नहीं, उन्हें जमीन पर ठोस कार्यों में बदलना होगा। स्वास्थ्य विभाग को एक विस्तृत कार्यान्वयन योजना निर्धारित समय में प्रस्तुत करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि सुधार रोगियों और कर्मचारियों दोनों को स्पष्ट रूप से दिखें।
यह फैसला सार्वजनिक अस्पतालों की सेवा गुणवत्ता को लेकर बढ़ती असंतुष्टि के बीच आया है, और न्यायालय की इस हस्तक्षेप से जवाबदेही और तेज़ सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रगति की नियमित रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है, तथा यदि सुधार अपर्याप्त रहे तो आगे की कार्रवाई करने का अधिकार अदालत ने सुरक्षित रखा है।