📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shiraz Husain
राजनीति
राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को नई लिटिगेशन पॉलिसी लागू करने के लिए पांच हफ्ते दिए, अधिकारियों को पेशी का आदेश
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 30 अक्टू. 2026, 12:15 PM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नई लिटिगेशन पॉलिसी को पाँच हफ्तों में लागू करने की चेतावनी दी, नहीं तो मुख्य सचिव, प्रमुख विधि सचिव और वित्त सचिव को देरी का कारण बताने के लिए अदालत में पेश होना पड़ेगा।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा नई लिटिगेशन पॉलिसी पेश करने के बाद कड़ा निर्देश जारी किया, जिसका उद्देश्य न्यायालय में दायर मामलों को व्यवस्थित करना और अनावश्यक याचिकाओं को रोकना है। कोर्ट ने कहा कि इस नीति को बिना किसी और टालमटोल के लागू किया जाना चाहिए।
न्यायाधीशों ने आदेश दिया कि पाँच हफ्तों के भीतर सरकार को ठोस कदम दिखाने होंगे। यदि समय सीमा पूरी नहीं हुई, तो मुख्य सचिव, प्रमुख विधि सचिव और वित्त सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर देरी का कारण बताना पड़ेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय प्रशासनिक सुस्ती के प्रति न्यायपालिका की बढ़ती असहिष्णुता को दर्शाता है। अधिकारियों को समय सीमा से पहले विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करनी होगी, अन्यथा आगे की अनदेखी पर अवमानना के दंड का सामना करना पड़ सकता है।
न्यायाधीशों ने आदेश दिया कि पाँच हफ्तों के भीतर सरकार को ठोस कदम दिखाने होंगे। यदि समय सीमा पूरी नहीं हुई, तो मुख्य सचिव, प्रमुख विधि सचिव और वित्त सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर देरी का कारण बताना पड़ेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय प्रशासनिक सुस्ती के प्रति न्यायपालिका की बढ़ती असहिष्णुता को दर्शाता है। अधिकारियों को समय सीमा से पहले विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करनी होगी, अन्यथा आगे की अनदेखी पर अवमानना के दंड का सामना करना पड़ सकता है।