📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TrendSPLEND
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राजस्थान हाईकोर्ट ने अंतरिम भरण‑पोषण वसूली की 12‑महीने की सीमा आदेश तिथि से लागू की
✍️ Amar Ujala · Jodhpur
🗓 23 अक्टू. 2026, 12:31 PM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि अंतरिम भरण‑पोषण की वसूली के लिए 12‑महीने की सीमा आदेश के दिन से गिनी जाएगी, पति की याचिका खारिज की गई।
राजस्थान हाईकोर्ट की फरजंद अली न्यायमूर्ति की पीठ ने अंतरिम भरण‑पोषण की वसूली के लिए 12‑महीने की सीमा अवधि आदेश के जारी होने की तिथि से गिनी जाएगी, न कि पूर्व प्रभाव से। इस व्याख्या से सीमा अवधि को आदेश के लागू होने के साथ ही शुरू होने का स्पष्ट सिद्धांत स्थापित हुआ।
यह निर्णय पति द्वारा दायर याचिका पर दिया गया, जिसमें वह सीमा अवधि की गणना को लेकर आपत्ति जताता था। कोर्ट ने याचिका में कोई ठोस कारण न पाकर उसे खारिज कर दिया, जिससे आदेश के प्रभावी होने के बाद ही समय गिना जाएगा।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में राजस्थान के अन्य न्यायालयों में समान मामलों में मार्गदर्शन करेगा और भरण‑पोषण के लाभार्थियों के अधिकारों की सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।
हाईकोर्ट का यह कदम पारिवारिक कानून के प्रवर्तन को तेज़ करने और विवादों में स्पष्टता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह निर्णय पति द्वारा दायर याचिका पर दिया गया, जिसमें वह सीमा अवधि की गणना को लेकर आपत्ति जताता था। कोर्ट ने याचिका में कोई ठोस कारण न पाकर उसे खारिज कर दिया, जिससे आदेश के प्रभावी होने के बाद ही समय गिना जाएगा।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में राजस्थान के अन्य न्यायालयों में समान मामलों में मार्गदर्शन करेगा और भरण‑पोषण के लाभार्थियों के अधिकारों की सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।
हाईकोर्ट का यह कदम पारिवारिक कानून के प्रवर्तन को तेज़ करने और विवादों में स्पष्टता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।