📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shiraz Husain
अपराध
राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को 20‑दिन की पैरोल लागू करने का निर्देश दिया
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 06 अक्टू. 2026, 08:15 PM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी आसाराम को 20‑दिन की पैरोल पर रिहा करने के पूर्व आदेश का पालन करने को सरकार को अनिवार्य किया, सरकार के तर्क खारिज कर अनुपालन रिपोर्ट मांगी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी आसाराम को 20‑दिन की पैरोल पर रिहा करने के अपने पूर्व आदेश को दोहराया और राज्य सरकार को तुरंत इस आदेश को लागू करने का निर्देश दिया। अदालत ने सरकार के पैरोल के विरोधी तर्कों को खारिज कर कहा कि प्रक्रिया संबंधी आपत्तियों से न्यायालयीय आदेश को टाला नहीं जा सकता।
न्यायालय ने राज्य को एक विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया, जिसमें बताया जाए कि पैरोल को निर्धारित शर्तों के अनुसार कैसे लागू किया गया। आदेश में कहा गया कि किसी भी प्रकार की चूक या अनियमितता पर आगे की न्यायिक कार्रवाई की जाएगी।
यह फैसला उच्च‑प्रोफ़ाइल मामलों में भी न्यायालय के आदेशों के पालन की अनिवार्यता को रेखांकित करता है, जहाँ सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव अक्सर देखा जाता है। अब राज्य को जेल प्रबंधन के साथ समन्वय कर आसाराम की निर्धारित शर्तों के तहत रिहाई सुनिश्चित करनी होगी।
निर्णय में पैरोल की शर्तों या आसाराम की रिहाई के समय‑सारणी के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई।
न्यायालय ने राज्य को एक विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया, जिसमें बताया जाए कि पैरोल को निर्धारित शर्तों के अनुसार कैसे लागू किया गया। आदेश में कहा गया कि किसी भी प्रकार की चूक या अनियमितता पर आगे की न्यायिक कार्रवाई की जाएगी।
यह फैसला उच्च‑प्रोफ़ाइल मामलों में भी न्यायालय के आदेशों के पालन की अनिवार्यता को रेखांकित करता है, जहाँ सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव अक्सर देखा जाता है। अब राज्य को जेल प्रबंधन के साथ समन्वय कर आसाराम की निर्धारित शर्तों के तहत रिहाई सुनिश्चित करनी होगी।
निर्णय में पैरोल की शर्तों या आसाराम की रिहाई के समय‑सारणी के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई।