📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shiraz Husain
स्वास्थ्य
राजस्थान हाईकोर्ट ने बेटे की सर्जरी के लिए विदेश यात्रा पर चार महीने की इजाज़त दी
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 30 सित. 2026, 07:45 AM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि जांच लंबित होने से यात्रा नहीं रोकी जा सकती, तीन याचिकाकर्ताओं को बेटे की सर्जरी हेतु विदेश जाने के लिए चार महीने की अनुमति दी।
जयपुर, राजस्थान – राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार को एक याचिका को खारिज किया, जिसमें तीन व्यक्तियों की विदेश यात्रा रोकने की मांग थी, क्योंकि उनका बेटा एक महत्वपूर्ण सर्जरी के लिए विदेश जाना चाहता है। कोर्ट ने कहा कि केवल जांच चल रही होने से यात्रा पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को चार महीने की इजाज़त दी, जिससे वे आवश्यक सर्जरी की व्यवस्था कर विदेश यात्रा कर सकें। यह निर्णय कानूनी प्रक्रिया और मानवीय जरूरतों के बीच संतुलन को दर्शाता है, विशेषकर जब स्वास्थ्य आपातकाल हो।
जांच जारी रहने के बावजूद, न्यायाधीशों ने कहा कि यात्रा प्रतिबंध तभी उचित है जब उड़ान जोखिम या साक्ष्य छेड़छाड़ का स्पष्ट खतरा हो, जो इस मामले में नहीं दिखा।
याचिकाकर्ताओं से अपेक्षा है कि सर्जरी के बाद वे राजस्थान वापस आएँगे, और कोर्ट जांच के साथ-साथ यात्रा अनुमति की निगरानी जारी रखेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन भविष्य के मामलों में मिसाल बन सकता है जहाँ स्वास्थ्य आपातकाल और आपराधिक जांच एक साथ आती हैं।
न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को चार महीने की इजाज़त दी, जिससे वे आवश्यक सर्जरी की व्यवस्था कर विदेश यात्रा कर सकें। यह निर्णय कानूनी प्रक्रिया और मानवीय जरूरतों के बीच संतुलन को दर्शाता है, विशेषकर जब स्वास्थ्य आपातकाल हो।
जांच जारी रहने के बावजूद, न्यायाधीशों ने कहा कि यात्रा प्रतिबंध तभी उचित है जब उड़ान जोखिम या साक्ष्य छेड़छाड़ का स्पष्ट खतरा हो, जो इस मामले में नहीं दिखा।
याचिकाकर्ताओं से अपेक्षा है कि सर्जरी के बाद वे राजस्थान वापस आएँगे, और कोर्ट जांच के साथ-साथ यात्रा अनुमति की निगरानी जारी रखेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन भविष्य के मामलों में मिसाल बन सकता है जहाँ स्वास्थ्य आपातकाल और आपराधिक जांच एक साथ आती हैं।