📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tisha Mukherjee
अपराध
राजस्थान में वनकर्मियों को हथियार, अवैध बजरी खनन रोकने के निर्देश
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 09 अक्टू. 2026, 04:31 PM
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वन रेंजर की मौत और वनकर्मियों पर हमलों के बाद, राजस्थान के मुख्य सचिव ने संवेदनशील क्षेत्रों में हथियार‑वाहन उपलब्ध कराकर अवैध बजरी खनन रोकने का निर्देश दिया।
जयपुर, राजस्थान – वन रेंजर की मौत और राज्य के खनन‑प्रवण क्षेत्रों में वनकर्मियों पर कई हमलों के बाद, राजस्थान के मुख्य सचिव ने संवेदनशील इलाकों में वनकर्मियों को हथियार और गश्त‑वाहन उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया। यह कदम रेंजरों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने और वर्षों से क्षेत्र में चल रहे अवैध बजरी खनन को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
आदेश के तहत उच्च‑जोखिम वाले वन क्षेत्रों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है और वहाँ हथियार‑सज्जित कर्मियों को गश्त‑वाहन प्रदान किए जाएंगे। इस प्रक्रिया में राज्य पुलिस के साथ समन्वय कर उचित प्रशिक्षण और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उन आपराधिक नेटवर्कों को भी बढ़ावा देता है जो वनकर्मियों को निशाना बनाते हैं। पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करके सरकार इन गतिविधियों को कम करने और प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्था बहाल करने की आशा रखती है।
हाल ही में एक वन रेंजर को अवैध बजरी खनन रोकते समय गोली मार कर मार दिया गया था, जिससे वनकर्मियों में बेहतर सुरक्षा की मांग तेज हो गई।
मुख्य सचिव ने बताया कि हथियार प्रदान करना एक आपातकालीन और अस्थायी उपाय है, जबकि दीर्घकालिक समाधान के लिए खनन नियमों की कड़ी प्रवर्तन और स्थानीय समुदाय में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
आदेश के तहत उच्च‑जोखिम वाले वन क्षेत्रों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है और वहाँ हथियार‑सज्जित कर्मियों को गश्त‑वाहन प्रदान किए जाएंगे। इस प्रक्रिया में राज्य पुलिस के साथ समन्वय कर उचित प्रशिक्षण और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उन आपराधिक नेटवर्कों को भी बढ़ावा देता है जो वनकर्मियों को निशाना बनाते हैं। पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करके सरकार इन गतिविधियों को कम करने और प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्था बहाल करने की आशा रखती है।
हाल ही में एक वन रेंजर को अवैध बजरी खनन रोकते समय गोली मार कर मार दिया गया था, जिससे वनकर्मियों में बेहतर सुरक्षा की मांग तेज हो गई।
मुख्य सचिव ने बताया कि हथियार प्रदान करना एक आपातकालीन और अस्थायी उपाय है, जबकि दीर्घकालिक समाधान के लिए खनन नियमों की कड़ी प्रवर्तन और स्थानीय समुदाय में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।