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कृषि
सोलर ऊर्जा से रोटेटिंग फसलें: राजस्थान के किसान ने गेहूँ‑बाजरा से मिर्च‑टमाटर की ओर कदम बढ़ाया
✍️ Business Today
🗓 03 नव. 2026, 08:17 PM
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एक राजस्थान के किसान ने सोलर ऊर्जा से खेती करके अपने फसल चक्र को गेहूँ‑बाजरा से मिर्च‑टमाटर में बदल दिया है।
राजस्थान के एक किसान ने सौर ऊर्जा का उपयोग करके अपनी खेती को बदल दिया है, जहाँ अब वह पारम्परिक गेहूँ‑बाजरा की फसल से हटकर मिर्च और टमाटर जैसी उच्च मूल्य वाली सब्जियों की ओर रुख कर रहा है। सौर पैनल से चलने वाले पंप और उपकरणों से जल सिंचाई संभव हो रही है, जिससे डीजल और बिजली पर निर्भरता घटती है।
फसल परिवर्तन का मुख्य कारण बाजार में सब्जियों की बेहतर कीमतें और कम उत्पादन लागत है। सौर ऊर्जा से जल उपयोग में दक्षता बढ़ी है, जो राजस्थान के शुष्क क्षेत्रों में विशेष महत्व रखती है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयोग छोटे किसानों के लिए एक उदाहरण बन सकता है, जिससे बढ़ती इनपुट लागत और अनिश्चित मानसून के बीच आय में स्थिरता आएगी और जल संसाधनों की बचत होगी।
फसल परिवर्तन का मुख्य कारण बाजार में सब्जियों की बेहतर कीमतें और कम उत्पादन लागत है। सौर ऊर्जा से जल उपयोग में दक्षता बढ़ी है, जो राजस्थान के शुष्क क्षेत्रों में विशेष महत्व रखती है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयोग छोटे किसानों के लिए एक उदाहरण बन सकता है, जिससे बढ़ती इनपुट लागत और अनिश्चित मानसून के बीच आय में स्थिरता आएगी और जल संसाधनों की बचत होगी।