📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hoshi roy
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राजस्थान परिवार ने घर के कूलर में 5 फुट का कोबरा पाया
✍️ India Today
🗓 22 अग. 2026, 03:38 PM
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राजस्थान के एक परिवार ने घर के कूलर में पाँच फुट लंबा कोबरा पाया, जिससे स्थानीय वन्यजीव अधिकारियों को तुरंत सूचित किया गया।
राजस्थान के एक घर में कूलर के अंदर हलचल महसूस करने पर परिवार ने अंदर एक कोबरा पाया, जिसकी लंबाई लगभग पाँच फुट थी। कूलर खोलते ही यह विषैला साँप कोबरा, जो इस क्षेत्र का सामान्य प्रजाति है, घुमावदार रूप में दिखा।
परिवार ने तुरंत स्थानीय वन विभाग को सूचित किया, और कुछ ही मिनटों में वन्यजीव बचाव टीम पहुँची। प्रशिक्षित कर्मियों ने विशेष उपकरणों से साँप को सुरक्षित रूप से निकालकर पास के जंगल में छोड़ दिया, जहाँ वह मानव बस्ती से दूर रह सके। इस दौरान कोई चोट नहीं लगी और परिवार ने राहत की साँस ली।
यह घटना ग्रामीण घरों में वन्यजीवों के प्रवेश की संभावनाओं को उजागर करती है, विशेषकर गर्मियों में जब साँप ठंडे स्थानों की तलाश करते हैं। अधिकारियों ने निवासियों को दरवाज़े‑खिड़कियों को बंद रखने, भंडारण स्थानों की नियमित जाँच करने और विषैले साँप दिखने पर तुरंत वन विभाग को रिपोर्ट करने की सलाह दी।
राजस्थान वन विभाग ने ऐसी आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की अपनी तत्परता दोहराई और जनता से आग्रह किया कि वे स्वयं साँप को पकड़ने या हटाने का प्रयास न करें, बल्कि प्रशिक्षित कर्मियों को बुलाएँ ताकि दंश के जोखिम को न्यूनतम रखा जा सके।
परिवार ने तुरंत स्थानीय वन विभाग को सूचित किया, और कुछ ही मिनटों में वन्यजीव बचाव टीम पहुँची। प्रशिक्षित कर्मियों ने विशेष उपकरणों से साँप को सुरक्षित रूप से निकालकर पास के जंगल में छोड़ दिया, जहाँ वह मानव बस्ती से दूर रह सके। इस दौरान कोई चोट नहीं लगी और परिवार ने राहत की साँस ली।
यह घटना ग्रामीण घरों में वन्यजीवों के प्रवेश की संभावनाओं को उजागर करती है, विशेषकर गर्मियों में जब साँप ठंडे स्थानों की तलाश करते हैं। अधिकारियों ने निवासियों को दरवाज़े‑खिड़कियों को बंद रखने, भंडारण स्थानों की नियमित जाँच करने और विषैले साँप दिखने पर तुरंत वन विभाग को रिपोर्ट करने की सलाह दी।
राजस्थान वन विभाग ने ऐसी आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की अपनी तत्परता दोहराई और जनता से आग्रह किया कि वे स्वयं साँप को पकड़ने या हटाने का प्रयास न करें, बल्कि प्रशिक्षित कर्मियों को बुलाएँ ताकि दंश के जोखिम को न्यूनतम रखा जा सके।