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राजस्थान ने ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Redeytraveler
राजनीति

राजस्थान ने ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया

✍️ Amar Ujala · Rajasthan 🗓 01 अक्टू. 2026, 08:15 AM 👁 14
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राजस्थान सरकार ने ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया, जिससे कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने इस विस्तार की जरूरत पर सवाल उठाए।

राजस्थान सरकार ने ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने का आदेश जारी किया। आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से बताया गया कि आयोग की मौजूदा अवधि में तीन साल का अतिरिक्त समय जोड़ा गया, जिससे यह आयोग इस वर्ष के अंत में समाप्त होने वाली अपनी मूल अवधि को आगे बढ़ा रहा है।

ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत गठित यह आयोग राज्य विधानसभा और स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) की उचित राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए डेटा संग्रह, विश्लेषण और सिफारिशें करता है। इसके कार्यकाल के दौरान ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीटों और प्रतिशतों का निर्धारण किया जाता है।

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस विस्तार पर सवाल उठाते हुए सरकार से इसकी आवश्यकता पूछी। डोटासरा ने कहा कि इस तरह का कदम आगामी चुनावों से पहले जातीय आधार पर राजनीतिक गणनाओं को प्रभावित करने की कोशिश हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग के कार्यकाल को बढ़ाने से ओबीसी प्रतिनिधित्व की नई समीक्षा में देरी हो सकती है, जिससे आरक्षित सीटों के संतुलन पर असर पड़ सकता है। यह विवाद राजस्थान में आरक्षण नीतियों की संवेदनशीलता को फिर से उजागर करता है।
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