🔥 ट्रेंडिंग दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन प्रबंधन की रण... बीकानेर: पांचू थाना क्षेत्र में एटीएम... ਇਸ SUV ਨੂੰ ਟੁੱਟ ਕੇ ਪੈ ਗਏ ਲੋਕ! ਵਿਕ ਗਈਆਂ... भोपाल: बैरागढ़ में 12‑वर्षीय लड़की की... उज्जैन में ‘आशीर्वाद का दीया’ टेंडर को... वाराणसी: रोहनियां पुलिस ने 5.1 किलो चा...
16 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
राजस्थान की डॉक्टर मनस्वी अग्रवाल ने एवरस्ट फतह किया, वापसी में दोनों पैर की अंगुलियाँ खो दीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mohammad Aqib Khan
खेल

राजस्थान की डॉक्टर मनस्वी अग्रवाल ने एवरस्ट फतह किया, वापसी में दोनों पैर की अंगुलियाँ खो दीं

✍️ Amar Ujala · Jaipur 🗓 16 अक्टू. 2026, 10:31 PM 👁 14
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

राजस्थान की डॉक्टर मनस्वी अग्रवाल ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर इतिहास रचा, लेकिन उतरते समय गंभीर ठंड से दोनों पैर की अंगुलियाँ खो बैठीं।

राजस्थान की डॉक्टर मनस्वी अग्रवाल ने कई हफ्तों की तैयारी और एसीमिलेशन के बाद माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पैर रखकर राज्य का इतिहास रचा। यह उपलब्धि पर्वतारोहण जगत और राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना गया।

उतरते समय परिस्थितियाँ अत्यधिक कठिन हो गईं। तीव्र ठंड और लंबे समय तक शिखर पर रहने से उनके पैर में गंभीर फ्रॉस्टबाइट हुआ। बेस कैंप पर पहुंचने पर चिकित्सकीय जांच में पता चला कि दोनों पैर की अंगुलियों को बचाना असंभव था और आगे की जटिलताओं से बचने के लिए उन्हें हटाना पड़ा।

डॉ. अग्रवाल ने अपनी टीम और बेस कैंप के मेडिकल स्टाफ का धन्यवाद किया और कहा कि इस अनुभव ने उच्च ऊँचाई पर चढ़ाई के जोखिमों को उजागर किया है। वह आशा करती हैं कि उनका सफर भविष्य के भारतीय पर्वतारोहियों के लिए अधिक सुरक्षित अभ्यास को प्रेरित करेगा।

यह घटना भारतीय पर्वतारोहण संघ और स्वास्थ्य प्राधिकरणों का ध्यान आकर्षित कर चुकी है, जो अब अत्यधिक ऊँचाई वाले अभियानों के सुरक्षा मानकों की पुनः समीक्षा कर रहे हैं। डॉक्टर अग्रवाल की उपलब्धि और उनके सामने आए चिकित्सा चुनौतियाँ दोनों ही मानव क्षमताओं की सीमाओं को पार करने के उत्सव और जोखिम को दर्शाती हैं।
📲Get App