📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Miscellaneous Items in High Demand, PPOC, Library
राजनीति
राजस्थान कांग्रेस ने जयपुर में वोट चोरी का विरोध किया, पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लिया
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 28 सित. 2026, 03:15 PM
👁 19
राज्य कांग्रेस ने जयपुर में शहीद स्मारक से चुनाव आयोग कार्यालय तक वोट चोरी का आरोप लगाते हुए मार्च किया, पुलिस से टकराव में कई नेता, जिनमें गहलोत और डोटासरा शामिल हैं, हिरासत में ले लिए गए।
शनिवार को राजस्थान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जयपुर में वोट चोरी के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। शहीद स्मारक से शुरू होकर उन्होंने चुनाव आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर मार्च किया, जहाँ बैनर लहराते हुए और नारे लगाते हुए उन्होंने चुनावी अनियमितताओं की जांच की माँग की।
प्रदर्शनकारियों के कार्यालय पहुंचते ही पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए घेरा स्थापित किया और उन्हें हटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने बैटन का प्रयोग किया, जिससे छोटी‑सी झड़प हुई। इस टकराव में कई वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता, जिनमें गहलोत और डोटासरा नामक स्थानीय नेता शामिल हैं, को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस ने कहा कि गिरफ्तारियों का उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना था, जबकि कांग्रेस ने इसे विरोध को दबाने की कोशिश बताया। पार्टी ने वोट चोरी के आरोपों की पूरी जांच की मांग की और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की अपील की है।
यह घटना राजस्थान में आगामी स्थानीय चुनावों से पहले राजनीतिक तनाव को बढ़ा रही है, जहाँ विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। कोई चोटिल नहीं हुआ, और गिरफ्तार किए गए नेताओं को जल्द ही न्यायिक हिरासत में पेश किया जाएगा।
अभी तक वोट चोरी के विशेष आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जबकि चुनाव आयोग ने कांग्रेस द्वारा दायर किसी भी औपचारिक शिकायत की समीक्षा करने का संकेत दिया है।
प्रदर्शनकारियों के कार्यालय पहुंचते ही पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए घेरा स्थापित किया और उन्हें हटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने बैटन का प्रयोग किया, जिससे छोटी‑सी झड़प हुई। इस टकराव में कई वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता, जिनमें गहलोत और डोटासरा नामक स्थानीय नेता शामिल हैं, को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस ने कहा कि गिरफ्तारियों का उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना था, जबकि कांग्रेस ने इसे विरोध को दबाने की कोशिश बताया। पार्टी ने वोट चोरी के आरोपों की पूरी जांच की मांग की और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की अपील की है।
यह घटना राजस्थान में आगामी स्थानीय चुनावों से पहले राजनीतिक तनाव को बढ़ा रही है, जहाँ विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। कोई चोटिल नहीं हुआ, और गिरफ्तार किए गए नेताओं को जल्द ही न्यायिक हिरासत में पेश किया जाएगा।
अभी तक वोट चोरी के विशेष आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जबकि चुनाव आयोग ने कांग्रेस द्वारा दायर किसी भी औपचारिक शिकायत की समीक्षा करने का संकेत दिया है।