📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hamzaghanchi
खानपान
राजस्थान में मिलावट के कारण 5 खाद्य उत्पादों पर दो‑महीने का प्रतिबंध, 9 दुकानों के लाइसेंस निलंबित
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 03 सित. 2026, 03:02 PM
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‘शुद्ध आहार‑मिलावट पर वार’ अभियान के तहत राजस्थान ने असुरक्षित पाए गए पाँच पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर दो‑महीने का प्रतिबंध लगाया और नौ दुकानों‑डेयरियों के लाइसेंस निलंबित किए।
राजस्थान के खाद्य‑सुरक्षा विभाग ने ‘शुद्ध आहार‑मिलावट पर वार’ नामक अभियान शुरू किया, जिसमें कई पैकेज्ड उत्पादों को असुरक्षित पाया गया। जांच में पाँच विशिष्ट खाद्य वस्तुओं को राज्य के शुद्धता मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण दो‑महीने के लिए बिक्री, वितरण और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाकर रोक दिया गया है।
यह प्रतिबंध सभी रिटेल स्टोर, सुपरमार्केट और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर लागू होगा, जहाँ इन उत्पादों को बेचा जाता है। अधिकारियों ने निर्माताओं को शेष स्टॉक को वापस लेने और प्रतिबंध हटाने से पहले सुधारात्मक उपाय प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
साथ ही, इन मिलावटी वस्तुओं को बेचने वाली नौ दुकानों‑डेयरियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं और आगे की जांच जारी रहेगी। प्रवर्तन टीम ने नमूने जब्त किए, उल्लंघन दर्ज किए और गैर‑अनुपालन जारी रहने पर स्थायी बंदी की चेतावनी दी है।
यह कदम उपभोक्ताओं को खाद्य मिलावट से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने और राज्य सरकार की खाद्य‑गुणवत्ता प्रवर्तन नीति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारी बताते हैं कि नियमित निगरानी जारी रहेगी ताकि अनुपालन सुनिश्चित हो और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में जनता का भरोसा पुनः स्थापित हो सके।
यह प्रतिबंध सभी रिटेल स्टोर, सुपरमार्केट और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर लागू होगा, जहाँ इन उत्पादों को बेचा जाता है। अधिकारियों ने निर्माताओं को शेष स्टॉक को वापस लेने और प्रतिबंध हटाने से पहले सुधारात्मक उपाय प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
साथ ही, इन मिलावटी वस्तुओं को बेचने वाली नौ दुकानों‑डेयरियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं और आगे की जांच जारी रहेगी। प्रवर्तन टीम ने नमूने जब्त किए, उल्लंघन दर्ज किए और गैर‑अनुपालन जारी रहने पर स्थायी बंदी की चेतावनी दी है।
यह कदम उपभोक्ताओं को खाद्य मिलावट से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने और राज्य सरकार की खाद्य‑गुणवत्ता प्रवर्तन नीति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारी बताते हैं कि नियमित निगरानी जारी रहेगी ताकि अनुपालन सुनिश्चित हो और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में जनता का भरोसा पुनः स्थापित हो सके।