📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / LBM1948
अपराध
राजस्थान एसीबी ने आईएएस‑आईपीएस दंपति की 40 लक्ज़री विला के मामले में जांच शुरू की
✍️ News18
🗓 01 नव. 2026, 10:01 AM
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राजस्थान एंटी‑करप्शन ब्यूरो ने एक आईएएस‑आईपीएस दंपति के खिलाफ 40 लक्ज़री विला, कुल निवेश ₹6.16 करोड़ और वार्षिक किराया ₹1.80 करोड़ के आरोपों की जांच शुरू की है।
राजस्थान एंटी‑करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक आईएएस अधिकारी और एक आईपीएस अधिकारी के खिलाफ 40 लक्ज़री विला के स्वामित्व के आरोपों की जांच शुरू की है। एसीबी के प्रारम्भिक आंकड़ों के अनुसार, इन संपत्तियों में कुल निवेश लगभग ₹6.16 करोड़ है और वार्षिक किराया आय लगभग ₹1.80 करोड़ है।
जांचकर्ताओं का कहना है कि इन संपत्तियों का पैमाना अधिकारियों की घोषित आय से असंगत है, जिससे फंड के स्रोत की विस्तृत जांच की जा रही है। एसीबी ने संपत्ति रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट और किराया अनुबंधों की समीक्षा शुरू कर दी है ताकि किसी भी अनियमितता का पता लगाया जा सके।
यह मामला राजस्थान में वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति बढ़ती जांच को दर्शाता है, जहाँ राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी उपायों को सुदृढ़ करने का वादा किया है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई, जुर्माना या भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है।
एसीबी ने शामिल अधिकारियों के नाम प्रक्रिया संबंधी कारणों से नहीं बताए, लेकिन बताया कि जांच जारी है और आगे की जानकारी मिलते ही सार्वजनिक की जाएगी।
जांचकर्ताओं का कहना है कि इन संपत्तियों का पैमाना अधिकारियों की घोषित आय से असंगत है, जिससे फंड के स्रोत की विस्तृत जांच की जा रही है। एसीबी ने संपत्ति रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट और किराया अनुबंधों की समीक्षा शुरू कर दी है ताकि किसी भी अनियमितता का पता लगाया जा सके।
यह मामला राजस्थान में वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति बढ़ती जांच को दर्शाता है, जहाँ राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी उपायों को सुदृढ़ करने का वादा किया है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई, जुर्माना या भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है।
एसीबी ने शामिल अधिकारियों के नाम प्रक्रिया संबंधी कारणों से नहीं बताए, लेकिन बताया कि जांच जारी है और आगे की जानकारी मिलते ही सार्वजनिक की जाएगी।