शिक्षा
राजस्थान में सिंधी भाषा कोर्स का 98.64% उत्तीर्ण परिणाम, हनुमानगढ़ में प्रथम स्थान
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राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद ने ग्रीष्मकालीन अतिरिक्त सत्र‑2026 के सिंधी सर्टिफिकेट कोर्स की परीक्षा का परिणाम घोषित किया, जिसमें राज्य के 18 केंद्रों पर 1105 में से 1090 विद्यार्थियों ने उत्तीर्ण होकर 98.64 प्रतिशत सफलता हासिल की।
राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की सिंधी भाषा शिक्षण कोर्स योजना के तहत ग्रीष्मकालीन अतिरिक्त सत्र‑2026 में आयोजित सिंधी सर्टिफिकेट कोर्स की परीक्षा का परिणाम हनुमानगढ़ में 5 अक्टूबर को घोषित किया गया। राजस्थान के 18 परीक्षा केंद्रों पर कुल 1105 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें 1090 ने उत्तीर्ण होकर परिणाम 98.64 प्रतिशत रहा।
भारतीय सिंधू सभा राजस्थान न्यास के अध्यक्ष मोहनलाल वाधवानी के अनुसार, इस सत्र के लिए कुल 1448 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया था। परीक्षा 15 मई 2026 से संचालित कक्षाओं के बाद आयोजित की गई।
हनुमानगढ़ टाउन परीक्षा केंद्र पर 130 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 107 ने परीक्षा दी और 106 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। वहीं नोहर केंद्र पर 32 विद्यार्थियों में से 31 ने परीक्षा दी और सभी 31 उत्तीर्ण रहे। शालू की पुत्री ओमप्रकाश रामानी ने 100 में से 100 अंक प्राप्त कर राजस्थान में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि सुनीता देवी, महादेव की पुत्री ने 96 अंक प्राप्त कर हनुमानगढ़ में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
हनुमानगढ़ परीक्षा प्रभारी एवं भारतीय सिंधु सभा के जिला अध्यक्ष घनश्याम दास मेघवानी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सिंधी भाषा सीखने में विद्यार्थियों की रुचि निरन्तर बढ़ रही है। ऐसे पाठ्यक्रम नई पीढ़ी को सिंधी भाषा, साहित्य, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सफल परीक्षार्थियों को भारतीय सिंधू सभा राजस्थान न्यास एवं प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने शुभकामनाएँ दीं तथा सिंधी भाषा के संरक्षण और संवर्धन में योगदान देने वाले सभी शिक्षामित्रों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
भारतीय सिंधू सभा राजस्थान न्यास के अध्यक्ष मोहनलाल वाधवानी के अनुसार, इस सत्र के लिए कुल 1448 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया था। परीक्षा 15 मई 2026 से संचालित कक्षाओं के बाद आयोजित की गई।
हनुमानगढ़ टाउन परीक्षा केंद्र पर 130 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 107 ने परीक्षा दी और 106 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। वहीं नोहर केंद्र पर 32 विद्यार्थियों में से 31 ने परीक्षा दी और सभी 31 उत्तीर्ण रहे। शालू की पुत्री ओमप्रकाश रामानी ने 100 में से 100 अंक प्राप्त कर राजस्थान में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि सुनीता देवी, महादेव की पुत्री ने 96 अंक प्राप्त कर हनुमानगढ़ में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
हनुमानगढ़ परीक्षा प्रभारी एवं भारतीय सिंधु सभा के जिला अध्यक्ष घनश्याम दास मेघवानी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सिंधी भाषा सीखने में विद्यार्थियों की रुचि निरन्तर बढ़ रही है। ऐसे पाठ्यक्रम नई पीढ़ी को सिंधी भाषा, साहित्य, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सफल परीक्षार्थियों को भारतीय सिंधू सभा राजस्थान न्यास एवं प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने शुभकामनाएँ दीं तथा सिंधी भाषा के संरक्षण और संवर्धन में योगदान देने वाले सभी शिक्षामित्रों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।