राजस्थान में बारिश 21% कम, 18 जिलों में सूखे जैसे हालात, पाली सबसे ज्यादा प्रभावित, किसान बरसात के इंतजार में
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मानसून बेपटरी, सामान्य से 21.16% कम बारिश, खरीफ फसल पर मंडराया संकट
जयपुर, 6 सितंबर - राजस्थान में इस बार मानसून ने किसानों को निराश किया है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 21.16% कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 3 सितंबर तक प्रदेश में 295.30 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस दौरान सामान्य बारिश 374.55 मिमी होनी चाहिए थी। 【4321137488413391604†L139-L142】
प्रदेश के 21 जिलों में बारिश कम दर्ज की गई है, जबकि 18 जिलों में सामान्य और सिर्फ 2 जिलों में अधिक बारिश हुई है। 【4321137488413391604†L141-L143】
सबसे खराब हालात पाली जिले में हैं, जहां औसत 413.41 मिमी की जगह सिर्फ 185.78 मिमी बारिश हुई है, यानी 55.06% की कमी। 【4321137488413391604†L46-L48】 इसके बाद जालोर में 47.56%, जैसलमेर में 44.92% और उदयपुर में 41.69% कम बारिश हुई है।
सीकर में तो 10 साल बाद सबसे खराब हालात हैं। 15 जून से 2 सितंबर तक 440 मिमी की जगह सिर्फ 300 मिमी बारिश हुई, यानी 140 मिमी कम। सावन पूरा सूखा निकल गया।
इसका सीधा असर खरीफ की फसल बाजरा, मूंगफली, मूंग, मोठ पर पड़ रहा है। खेतों में नमी खत्म हो रही है, किसान ट्यूबवेल से महंगी सिंचाई करने को मजबूर हैं। बांधों में भी पानी की आवक नहीं हुई है।
किसान अब सितंबर की बारिश का इंतजार कर रहे हैं, अगर 15 सितंबर तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो कई जिलों में सूखे जैसे हालात बन सकते हैं।
रिपोर्ट - NEED24 NEWS, जयपुर
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 3 सितंबर तक प्रदेश में 295.30 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस दौरान सामान्य बारिश 374.55 मिमी होनी चाहिए थी। 【4321137488413391604†L139-L142】
प्रदेश के 21 जिलों में बारिश कम दर्ज की गई है, जबकि 18 जिलों में सामान्य और सिर्फ 2 जिलों में अधिक बारिश हुई है। 【4321137488413391604†L141-L143】
सबसे खराब हालात पाली जिले में हैं, जहां औसत 413.41 मिमी की जगह सिर्फ 185.78 मिमी बारिश हुई है, यानी 55.06% की कमी। 【4321137488413391604†L46-L48】 इसके बाद जालोर में 47.56%, जैसलमेर में 44.92% और उदयपुर में 41.69% कम बारिश हुई है।
सीकर में तो 10 साल बाद सबसे खराब हालात हैं। 15 जून से 2 सितंबर तक 440 मिमी की जगह सिर्फ 300 मिमी बारिश हुई, यानी 140 मिमी कम। सावन पूरा सूखा निकल गया।
इसका सीधा असर खरीफ की फसल बाजरा, मूंगफली, मूंग, मोठ पर पड़ रहा है। खेतों में नमी खत्म हो रही है, किसान ट्यूबवेल से महंगी सिंचाई करने को मजबूर हैं। बांधों में भी पानी की आवक नहीं हुई है।
किसान अब सितंबर की बारिश का इंतजार कर रहे हैं, अगर 15 सितंबर तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो कई जिलों में सूखे जैसे हालात बन सकते हैं।
रिपोर्ट - NEED24 NEWS, जयपुर