अपराध
राजस्थान के जालोर में फर्जी डॉक्टर बनकर 30 लाख रुपये की रिश्वत देकर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले नानंजीराम चौधरी को गिरफ्तार
जालोर जिले के रानीवाड़ा में केवल आठवीं पास नानंजीराम चौधरी ने 30 लाख रुपये की रिश्वत देकर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में फर्जी डॉक्टर का पंजीकरण करवाया, अब 33 आरोपी सहित कई गिरफ्तार हुए हैं।
जालोर जिले के रानीवाड़ा में नानंजीराम चौधरी, जो केवल आठवीं पास हैं, ने 30 लाख रुपये की रिश्वत देकर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में फर्जी डॉक्टर के रूप में पंजीकरण करवाया। SOG की जांच से पता चला कि 2010 में वह क्लीनिक पर पर्ची काटता था, 2014 में OPD काउंटर पर काम किया और 2015 में राजदेव हॉस्पिटल खरीद कर उसे 50 बेड का अस्पताल बना दिया।
2015 के बाद नानंजीराम ने देशभर के आठ संस्थानों से फर्जी डिग्रियां बनवाईं और 22 महीने तक डॉक्टर बनकर इलाज करते रहे। बाद में वह स्वयं दलाल बन गया और 18 अन्य व्यक्तियों के भी RMC में फर्जी पंजीकरण करवाए।
जांच के दौरान RMC के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा सहित कुल 33 आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। यह मामला चिकित्सा क्षेत्र में घोटालों और भ्रष्टाचार की गंभीर जाँच को दर्शाता है।
2015 के बाद नानंजीराम ने देशभर के आठ संस्थानों से फर्जी डिग्रियां बनवाईं और 22 महीने तक डॉक्टर बनकर इलाज करते रहे। बाद में वह स्वयं दलाल बन गया और 18 अन्य व्यक्तियों के भी RMC में फर्जी पंजीकरण करवाए।
जांच के दौरान RMC के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा सहित कुल 33 आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। यह मामला चिकित्सा क्षेत्र में घोटालों और भ्रष्टाचार की गंभीर जाँच को दर्शाता है।