राजनीति
रजरप्पा संगम तट पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन का अस्थि विसर्जन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन का अस्थि विसर्जन रजरप्पा स्थित दामोदर-भैरवी संगम तट पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन से जुड़ी अंतिम संस्कार की परंपराओं के तहत रजरप्पा स्थित दामोदर-भैरवी संगम तट पर अस्थि विसर्जन की रस्म संपन्न की गई। इस अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान किया गया, जहां परिजनों और उपस्थित लोगों ने माता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें भावपूर्ण स्मरण किया। रजरप्पा का यह संगम धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है, जहां हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार अस्थि विसर्जन किया जाता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा से अस्थि कलश लेकर रजरप्पा पहुंचे थे। यहां जाडुंग बाहा टुपुनाई घाट पर परगना बाबा जोगेश्वर सोरेन के नेतृत्व में मांझी बाबा बिंदे सोरेन सहित अन्य पारंपरिक पदाधिकारियों ने धार्मिक और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार अनुष्ठान संपन्न कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे और मां को अंतिम विदाई दी गई।
स्वर्गीय रूपी सोरेन का निधन 7 अक्टूबर 2026 को रांची में हुआ था। वह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी थीं। उनके निधन के बाद से सोरेन परिवार और उनके करीबियों में शोक का माहौल बना हुआ था।
अस्थि विसर्जन की रस्म पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्थानीय ग्रामीणों के बीच वस्त्र वितरित किए। यह अवसर मुख्यमंत्री और उनके परिवार के लिए भावुक क्षण रहा, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा से अस्थि कलश लेकर रजरप्पा पहुंचे थे। यहां जाडुंग बाहा टुपुनाई घाट पर परगना बाबा जोगेश्वर सोरेन के नेतृत्व में मांझी बाबा बिंदे सोरेन सहित अन्य पारंपरिक पदाधिकारियों ने धार्मिक और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार अनुष्ठान संपन्न कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे और मां को अंतिम विदाई दी गई।
स्वर्गीय रूपी सोरेन का निधन 7 अक्टूबर 2026 को रांची में हुआ था। वह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी थीं। उनके निधन के बाद से सोरेन परिवार और उनके करीबियों में शोक का माहौल बना हुआ था।
अस्थि विसर्जन की रस्म पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्थानीय ग्रामीणों के बीच वस्त्र वितरित किए। यह अवसर मुख्यमंत्री और उनके परिवार के लिए भावुक क्षण रहा, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया।