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राजगीर मंदिर में प्रेमी जोड़े ने रचाई शादी, पांच साल के रिश्ते के बाद साथ जीने का लिया फैसला
राजगीर के एक मंदिर परिसर में रविवार को एक प्रेमी जोड़े ने भगवान को साक्षी मानकर शादी की। दोनों पिछले पांच वर्षों से रिश्ते में थे और अब साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया है।
राजगीर स्थित एक मंदिर परिसर में रविवार को एक प्रेमी जोड़े ने भगवान को साक्षी मानकर एक-दूसरे को माला पहनाकर शादी की। दोनों के अनुसार, वे पिछले करीब पांच वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और अब साथ जीवन बिताने का फैसला लिया है।
यह विवाह कलावती, पिता हसन चौहान, निवासी जमुआमा, थाना वजीरगंज और सुजीत कुमार, पिता स्वर्गीय जामुन चौहान, थाना अरियरी, प्रखंड अरियरी, जिला शेखपुरा के बीच हुआ। दोनों के बीच पिछले कई वर्षों से प्रेम संबंध था। मंदिर परिसर में दोनों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को माला पहनाई और विवाह की रस्म पूरी की।
कलावती ने बताया कि वह पहले से ही सुजीत कुमार से शादी करना चाहती थी, लेकिन उसके माता-पिता ने उसकी शादी किसी अन्य युवक से कर दी थी। उसके अनुसार, वह उस वैवाहिक रिश्ते से खुश नहीं थी। अब उसने अपनी इच्छा से सुजीत कुमार के साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया है।
कलावती ने कहा कि राजगीर में भगवान को साक्षी मानकर दोनों ने शादी की है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उनके दाम्पत्य जीवन में किसी प्रकार की परेशानी आती है तो इसके लिए उनके माता-पिता जिम्मेदार होंगे। हालांकि, इस मामले में दोनों पक्षों के परिवार की आधिकारिक प्रतिक्रिया तथा विवाह से संबंधित कानूनी दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
यह विवाह कलावती, पिता हसन चौहान, निवासी जमुआमा, थाना वजीरगंज और सुजीत कुमार, पिता स्वर्गीय जामुन चौहान, थाना अरियरी, प्रखंड अरियरी, जिला शेखपुरा के बीच हुआ। दोनों के बीच पिछले कई वर्षों से प्रेम संबंध था। मंदिर परिसर में दोनों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को माला पहनाई और विवाह की रस्म पूरी की।
कलावती ने बताया कि वह पहले से ही सुजीत कुमार से शादी करना चाहती थी, लेकिन उसके माता-पिता ने उसकी शादी किसी अन्य युवक से कर दी थी। उसके अनुसार, वह उस वैवाहिक रिश्ते से खुश नहीं थी। अब उसने अपनी इच्छा से सुजीत कुमार के साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया है।
कलावती ने कहा कि राजगीर में भगवान को साक्षी मानकर दोनों ने शादी की है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उनके दाम्पत्य जीवन में किसी प्रकार की परेशानी आती है तो इसके लिए उनके माता-पिता जिम्मेदार होंगे। हालांकि, इस मामले में दोनों पक्षों के परिवार की आधिकारिक प्रतिक्रिया तथा विवाह से संबंधित कानूनी दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।