📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tarunsamanta
स्थानीय
कोलकाता के चोरबागन में बारिश के कारण दुर्गा पूजा भीड़ में धक्का, 17 मौतें
✍️ Telegraph India
🗓 18 अक्टू. 2026, 05:02 AM
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बारिश के कारण चोरबागन में दुर्गा पूजा की भीड़ में धक्का लगा, जिससे कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई।
कोलकाता के चोरबागन क्षेत्र में दुर्गा पूजा के दौरान अचानक बरसते बारिश के कारण भीड़ में धक्का लगते ही भीड़भाड़ वाली स्थिति उत्पन्न हो गई। कई लोग आश्रय खोजने की कोशिश में संकरे मार्गों में फँस गए, जिससे भीड़ में धक्का और घुटन की स्थिति बन गई।
आपातकालीन सेवाएँ तुरंत पहुंचीं, परंतु इस अराजकता में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। कई घायल हुए और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस और नगरपालिका ने स्थल को घेर लिया और स्थिति की विस्तृत जाँच शुरू कर दी।
कोलकाता पुलिस ने घटनाक्रम की सटीक जाँच और भीड़ नियंत्रण में किसी भी चूक की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मानसून के मौसम में बड़े धार्मिक समारोहों के दौरान कड़े सुरक्षा मानकों की आवश्यकता पर बल दिया।
हर साल पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा में भारी भीड़ इकट्ठा होती है, और इस घटना ने भीड़ प्रबंधन और बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की मांग को फिर से उजागर किया है। अधिकारियों ने भविष्य के उत्सवों के लिए मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर बनाने का वादा किया है।
स्थानीय निवासियों ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया और सरकार से सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, जबकि त्योहार की सांस्कृतिक भावना को बनाए रखने की भी अपील की।
आपातकालीन सेवाएँ तुरंत पहुंचीं, परंतु इस अराजकता में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। कई घायल हुए और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस और नगरपालिका ने स्थल को घेर लिया और स्थिति की विस्तृत जाँच शुरू कर दी।
कोलकाता पुलिस ने घटनाक्रम की सटीक जाँच और भीड़ नियंत्रण में किसी भी चूक की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मानसून के मौसम में बड़े धार्मिक समारोहों के दौरान कड़े सुरक्षा मानकों की आवश्यकता पर बल दिया।
हर साल पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा में भारी भीड़ इकट्ठा होती है, और इस घटना ने भीड़ प्रबंधन और बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की मांग को फिर से उजागर किया है। अधिकारियों ने भविष्य के उत्सवों के लिए मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर बनाने का वादा किया है।
स्थानीय निवासियों ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया और सरकार से सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, जबकि त्योहार की सांस्कृतिक भावना को बनाए रखने की भी अपील की।