📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gopal Aggarwal from India
मौसम
मानसून के बाद भी एमपी में बारिश, दशहरा पर रावण भीगा
✍️ Amar Ujala · Gwalior
🗓 21 अक्टू. 2026, 07:15 AM
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मानसून के 18 दिन बाद भी पश्चिमी‑उत्तरी एमपी में लगातार पाँच दिन तेज़ बारिश‑हवाएँ चलीं, 21 जिलों में आंधी‑पानी अलर्ट जारी, दशहरा पर रावण के पुतले भीग गए।
मानसून के आधिकारिक समाप्ति के 18 दिन बाद भी मध्य प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। राज्य के पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में पिछले पाँच दिनों से तेज़ हवाओं और भारी बारिश का दौर चल रहा है, जिससे दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ा है।
स्थानीय प्रशासन ने 21 जिलों में "आंधी‑पानी" अलर्ट जारी किया है, जिससे बाढ़ की संभावना के बारे में सतर्कता बढ़ी है और यात्रा में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने इस निरंतर बवंडर को एक स्थायी लो‑प्रेशर सिस्टम के कारण बताया है, जो अभी तक क्षेत्र से बाहर नहीं निकला है।
बारिश के दौरान दशहरा समारोह भी आयोजित किए गए, जहाँ कई रावण के पुतले भीग गए। भीगे हुए पुतलों के बावजूद, लोग पारंपरिक रीति‑रिवाज़ों को जारी रखते हुए उत्सव मनाते रहे, पर बारिश ने आयोजकों और प्रतिभागियों के लिए अतिरिक्त कठिनाई पैदा की।
प्रशासन ने स्थिति की करीबी निगरानी जारी रखी है और प्रभावित जिलों के निवासियों को मौसम बुलेटिन पर नजर रखने तथा आवश्यक सावधानी बरतने का निर्देश दिया है।
स्थानीय प्रशासन ने 21 जिलों में "आंधी‑पानी" अलर्ट जारी किया है, जिससे बाढ़ की संभावना के बारे में सतर्कता बढ़ी है और यात्रा में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने इस निरंतर बवंडर को एक स्थायी लो‑प्रेशर सिस्टम के कारण बताया है, जो अभी तक क्षेत्र से बाहर नहीं निकला है।
बारिश के दौरान दशहरा समारोह भी आयोजित किए गए, जहाँ कई रावण के पुतले भीग गए। भीगे हुए पुतलों के बावजूद, लोग पारंपरिक रीति‑रिवाज़ों को जारी रखते हुए उत्सव मनाते रहे, पर बारिश ने आयोजकों और प्रतिभागियों के लिए अतिरिक्त कठिनाई पैदा की।
प्रशासन ने स्थिति की करीबी निगरानी जारी रखी है और प्रभावित जिलों के निवासियों को मौसम बुलेटिन पर नजर रखने तथा आवश्यक सावधानी बरतने का निर्देश दिया है।