📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
कृषि
मध्य प्रदेश के 12 जिलों में 20‑59% कम बारिश, सोयाबीन‑मक्का की फसल पर असर
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 09 अक्टू. 2026, 03:01 PM
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मध्य प्रदेश में सामान्य से 4% कम बारिश हुई, पश्चिमी भाग में 12% कमी और 12 जिलों में 20‑59% तक कमी दर्ज हुई, जिससे किसानों को मक्का में नुकसान और गेहूं की जगह चना बोने की सोच का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य में इस मौसम की मानसून ने औसत से 4% कम बारिश दर्ज की, जबकि पश्चिमी भाग में कमी 12% तक पहुंची। बारह जिलों में बारिश की कमी 20% से 59% तक रही, जैसा कि मौसम विभाग के नवीनतम आंकड़े दर्शाते हैं।
इन क्षेत्रों के किसानों ने सोयाबीन और मक्का की फसलों में स्पष्ट तनाव बताया, कई किसानों ने कम विकास और घटती उपज का उल्लेख किया। कम बारिश ने भूजल स्तर में गिरावट को तेज कर दिया है, जिससे सिंचाई की स्थिति और कठिन हो गई है।
नमी की कमी को देखते हुए कई किसान गेहूं की बजाय चना बोने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि चना कम पानी में उगता है और मौजूदा मिट्टी की नमी के अनुकूल है।
कृषि अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार सामान्य से कम बारिश से बारिश‑निर्भर फसलों की आपूर्ति और भी तनावपूर्ण हो सकती है, इसलिए किसानों से जल‑संचयन उपाय अपनाने और सूखा‑सहिष्णु किस्मों को चुनने का आग्रह किया गया है।
इन क्षेत्रों के किसानों ने सोयाबीन और मक्का की फसलों में स्पष्ट तनाव बताया, कई किसानों ने कम विकास और घटती उपज का उल्लेख किया। कम बारिश ने भूजल स्तर में गिरावट को तेज कर दिया है, जिससे सिंचाई की स्थिति और कठिन हो गई है।
नमी की कमी को देखते हुए कई किसान गेहूं की बजाय चना बोने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि चना कम पानी में उगता है और मौजूदा मिट्टी की नमी के अनुकूल है।
कृषि अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार सामान्य से कम बारिश से बारिश‑निर्भर फसलों की आपूर्ति और भी तनावपूर्ण हो सकती है, इसलिए किसानों से जल‑संचयन उपाय अपनाने और सूखा‑सहिष्णु किस्मों को चुनने का आग्रह किया गया है।