📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
शिक्षा
राहुल गांधी ने एमपी के सीएम मोहन यादव से वर्ग‑2‑3 के शिक्षक भर्ती बढ़ाने का आग्रह किया
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 05 अक्टू. 2026, 12:31 PM
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राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर 2025 की शिक्षक भर्ती में वर्ग‑2‑3 के पदों को बढ़ाने की मांग की, जबकि एक लाख से अधिक पद खाली हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे अपने पत्र में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2025 की शिक्षक भर्ती में वर्ग‑2 और वर्ग‑3 के पदों को सीमित रखने पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग एक लाख शिक्षण पद अभी भी खाली हैं, फिर भी भर्ती में बहुत कम संख्या निर्धारित की गई है।
गांधी ने विशेष रूप से प्राथमिक स्तर के वर्ग‑2‑3 के शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की मांग की, यह तर्क देते हुए कि इन स्तरों पर पर्याप्त स्टाफ न होने से बच्चों की बुनियादी शिक्षा प्रभावित होगी। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि वह भर्ती योजना का पुनः मूल्यांकन कर अतिरिक्त पद प्रदान करे।
भौपाल से अमर उजाला द्वारा रिपोर्ट किए अनुसार, यह पत्र शिक्षा क्षेत्र में स्टाफिंग की कमी को लेकर राजनीतिक दबाव को दर्शाता है। इस समय मुख्यमंत्री कार्यालय से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
शिक्षा विशेषज्ञों ने पहले भी चेतावनी दी थी कि लंबी अवधि तक पदों का खाली रहना, विशेषकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में, शैक्षणिक परिणामों को नुकसान पहुंचा सकता है। राहुल गांधी का यह आग्रह राज्य में शिक्षक भर्ती और संसाधन आवंटन के व्यापक बहस में एक राजनीतिक आयाम जोड़ता है।
यह मुद्दा आगामी विधानसभा सत्र में चर्चा का विषय बन सकता है, जहाँ विपक्षी दल सरकार को इस स्टाफिंग अंतराल के लिए जवाबदेह ठहराने की कोशिश कर सकते हैं।
गांधी ने विशेष रूप से प्राथमिक स्तर के वर्ग‑2‑3 के शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की मांग की, यह तर्क देते हुए कि इन स्तरों पर पर्याप्त स्टाफ न होने से बच्चों की बुनियादी शिक्षा प्रभावित होगी। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि वह भर्ती योजना का पुनः मूल्यांकन कर अतिरिक्त पद प्रदान करे।
भौपाल से अमर उजाला द्वारा रिपोर्ट किए अनुसार, यह पत्र शिक्षा क्षेत्र में स्टाफिंग की कमी को लेकर राजनीतिक दबाव को दर्शाता है। इस समय मुख्यमंत्री कार्यालय से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
शिक्षा विशेषज्ञों ने पहले भी चेतावनी दी थी कि लंबी अवधि तक पदों का खाली रहना, विशेषकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में, शैक्षणिक परिणामों को नुकसान पहुंचा सकता है। राहुल गांधी का यह आग्रह राज्य में शिक्षक भर्ती और संसाधन आवंटन के व्यापक बहस में एक राजनीतिक आयाम जोड़ता है।
यह मुद्दा आगामी विधानसभा सत्र में चर्चा का विषय बन सकता है, जहाँ विपक्षी दल सरकार को इस स्टाफिंग अंतराल के लिए जवाबदेह ठहराने की कोशिश कर सकते हैं।