📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anup Sadi
देश
रफ़ीगंज रेल दुर्घटना: राजधानी एक्सप्रेस की बोगियों में 133 की मौत, 24 साल पहले
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 10 सित. 2026, 11:47 AM
👁 35
२४ साल पहले रफ़ीगंज, बिहार में राजधानी एक्सप्रेस की कई बोगियों का नदी में गिरना १३३ मौतों का कारण बना।
बिहार में एक दर्दनाक रात में राजधानी एक्सप्रेस रफ़ीगंज के पास डिगर हो गई, जिससे कई बोगियां पास की नदी में गिर गईं। बचाव दलों ने बताया कि कुछ बोगियां पूरी तरह डूब गईं, जबकि अन्य पुल पर लटकी रहीं। तेज़ धारा और कठिन पहुंच के कारण बचाव कार्य कठिन हो गया, और आधिकारिक मौतों की संख्या 133 दर्ज की गई, जो राज्य के इतिहास में सबसे घातक रेल दुर्घटनाओं में से एक बन गई। यह घटना अक्सर बिहार के पुलों की सुरक्षा रिकॉर्ड पर चर्चा में उल्लेखित होती है, क्योंकि पिछले दशकों में इन पुलों पर कई दुर्घटनाएं हुई हैं।
उस समय स्थानीय प्राधिकरणों ने डिगर के कारणों की जांच शुरू की, जिसमें ट्रैक की स्थिति और पुल की मजबूती को प्रमुख बिंदु माना गया। तकनीकी निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से नहीं बताए गए, परंतु इस घटना ने पूरे क्षेत्र में रेलवे बुनियादी ढांचे की कड़ी देखरेख की मांग को तेज़ कर दिया। पीड़ितों के परिवारों को बाद में मुआवजा दिया गया, परंतु उस रात की यादें अभी भी समुदाय में जीवित हैं।
रफ़ीगंज की इस त्रासदी को भारत में रेलवे सुरक्षा पर चर्चा का एक प्रमुख बिंदु माना जाता है, जो बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में पुलों और ट्रैकों की सतत निगरानी की आवश्यकता को उजागर करती है।
उस समय स्थानीय प्राधिकरणों ने डिगर के कारणों की जांच शुरू की, जिसमें ट्रैक की स्थिति और पुल की मजबूती को प्रमुख बिंदु माना गया। तकनीकी निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से नहीं बताए गए, परंतु इस घटना ने पूरे क्षेत्र में रेलवे बुनियादी ढांचे की कड़ी देखरेख की मांग को तेज़ कर दिया। पीड़ितों के परिवारों को बाद में मुआवजा दिया गया, परंतु उस रात की यादें अभी भी समुदाय में जीवित हैं।
रफ़ीगंज की इस त्रासदी को भारत में रेलवे सुरक्षा पर चर्चा का एक प्रमुख बिंदु माना जाता है, जो बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में पुलों और ट्रैकों की सतत निगरानी की आवश्यकता को उजागर करती है।