Agriculture
रबी फसल के लिए 1 नवंबर से मिलेगा सिंचाई का पानी, 20 अक्टूबर तक पूरी होगी नहरों की सफाई
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में हुई जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में निर्देश दिया गया कि 20 अक्टूबर से पहले सभी नहरों की सफाई पूर्ण की जाए ताकि 1 नवंबर से किसानों को समय पर सिंचाई का पानी उपलब्ध करवाया जा सके।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रबी फसल वर्ष 2026-27 के लिए चम्बल नहर प्रणाली के अंतर्गत नहरों की साफ-सफाई, सिंचाई के लिए जल उपलब्धता और नहर संचालन की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सभी नहरों की साफ-सफाई का कार्य 20 अक्टूबर से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने सभी सब इंजीनियरों को प्रतिदिन तीन ग्रामों की नहरों की सफाई सुनिश्चित करने तथा सफाई कार्य के फोटोग्राफ लेकर साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नहरों की साफ-सफाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और किसी भी क्षेत्र से शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित सब इंजीनियर के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने बताया कि रबी फसल के लिए 1 नवंबर से पलेवा सहित चार बार सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए नहरों का संचालन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा ताकि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए समय पर पानी मिल सके। अधिकारियों को नहरों की स्थिति, जल प्रवाह एवं जल वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
जल संसाधन विभाग द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम के अनुसार रबी सीजन में चम्बल नहर प्रणाली का संचालन चार चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में अम्बाह शाखा नहर 1 से 20 नवंबर 2026 तक तथा निचली मुख्य नहर एवं मुरैना शाखा नहर 21 नवंबर से 10 दिसंबर 2026 तक संचालित होंगी। द्वितीय चरण में अम्बाह शाखा नहर 11 से 30 दिसंबर 2026 तक तथा निचली मुख्य नहर एवं मुरैना शाखा नहर 31 दिसंबर 2026 से 19 जनवरी 2027 तक संचालित की जाएंगी। तृतीय चरण में अम्बाह शाखा नहर 20 जनवरी से 8 फरवरी 2027 तक तथा निचली मुख्य नहर एवं मुरैना शाखा नहर 9 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होंगी। चतुर्थ चरण में अम्बाह शाखा नहर 1 से 15 मार्च 2027 तक तथा निचली मुख्य नहर एवं मुरैना शाखा नहर 16 से 31 मार्च 2027 तक संचालित की जाएंगी।
बैठक में जिले के प्रस्तावित सिंचाई लक्ष्य की समीक्षा भी की गई, जिसमें चम्बल नहर प्रणाली के अंतर्गत कुल 1 लाख 96 हजार 115 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 1 लाख 83 हजार 23 हेक्टेयर वृहद सिंचाई तथा 13 हजार 92 हेक्टेयर लघु सिंचाई क्षेत्र शामिल है। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नहरों का संचालन सुनिश्चित करना होगा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, क्षेत्रीय विधायक श्री दिनेश गुर्जर, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री अंकित धाकड़ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने बताया कि रबी फसल के लिए 1 नवंबर से पलेवा सहित चार बार सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए नहरों का संचालन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा ताकि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए समय पर पानी मिल सके। अधिकारियों को नहरों की स्थिति, जल प्रवाह एवं जल वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
जल संसाधन विभाग द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम के अनुसार रबी सीजन में चम्बल नहर प्रणाली का संचालन चार चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में अम्बाह शाखा नहर 1 से 20 नवंबर 2026 तक तथा निचली मुख्य नहर एवं मुरैना शाखा नहर 21 नवंबर से 10 दिसंबर 2026 तक संचालित होंगी। द्वितीय चरण में अम्बाह शाखा नहर 11 से 30 दिसंबर 2026 तक तथा निचली मुख्य नहर एवं मुरैना शाखा नहर 31 दिसंबर 2026 से 19 जनवरी 2027 तक संचालित की जाएंगी। तृतीय चरण में अम्बाह शाखा नहर 20 जनवरी से 8 फरवरी 2027 तक तथा निचली मुख्य नहर एवं मुरैना शाखा नहर 9 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होंगी। चतुर्थ चरण में अम्बाह शाखा नहर 1 से 15 मार्च 2027 तक तथा निचली मुख्य नहर एवं मुरैना शाखा नहर 16 से 31 मार्च 2027 तक संचालित की जाएंगी।
बैठक में जिले के प्रस्तावित सिंचाई लक्ष्य की समीक्षा भी की गई, जिसमें चम्बल नहर प्रणाली के अंतर्गत कुल 1 लाख 96 हजार 115 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 1 लाख 83 हजार 23 हेक्टेयर वृहद सिंचाई तथा 13 हजार 92 हेक्टेयर लघु सिंचाई क्षेत्र शामिल है। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नहरों का संचालन सुनिश्चित करना होगा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, क्षेत्रीय विधायक श्री दिनेश गुर्जर, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री अंकित धाकड़ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।