📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VeerinderBiroke
कृषि
पंजाब की नो‑बर्न पहल से फसल के डंठल प्रबंधन बन गया आय का नया स्रोत
✍️ The Indian Express
🗓 30 अक्टू. 2026, 04:32 AM
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डंठल जलाने पर प्रतिबंध ने किसानों को ऐसे प्रबंधन तरीकों की ओर धकेला है जो अतिरिक्त आय प्रदान करते हैं।
पंजाब सरकार ने इस साल डंठल जलाने पर कड़ी रोक लगाई है, जिससे किसानों ने वैकल्पिक प्रबंधन तरीकों को अपनाया है। पहले खुले में जलाने वाले किसान अब फसल के अवशेष एकत्र कर उन्हें बायो‑फ्यूल, जैविक खाद और पशु चारे में बदलने वाली कंपनियों को बेच रहे हैं।
राज्य एजेंसियों ने बाइलिंग उपकरणों पर सब्सिडी और कम लागत वाली संग्रह तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया है, जिससे यह बदलाव आर्थिक रूप से संभव हो गया है। प्रारंभिक आँकड़े दिखाते हैं कि कई छोटे किसान पिछले वर्ष की तुलना में प्रति हेक्टेयर 5‑10 प्रतिशत अधिक आय कमा रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डंठल के प्रसंस्करण की बाजार माँग बनी रही तो यह प्रवृत्ति दिल्ली‑क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ पंजाब के कृषि समुदाय को स्थायी आय प्रदान कर सकती है।
राज्य एजेंसियों ने बाइलिंग उपकरणों पर सब्सिडी और कम लागत वाली संग्रह तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया है, जिससे यह बदलाव आर्थिक रूप से संभव हो गया है। प्रारंभिक आँकड़े दिखाते हैं कि कई छोटे किसान पिछले वर्ष की तुलना में प्रति हेक्टेयर 5‑10 प्रतिशत अधिक आय कमा रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डंठल के प्रसंस्करण की बाजार माँग बनी रही तो यह प्रवृत्ति दिल्ली‑क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ पंजाब के कृषि समुदाय को स्थायी आय प्रदान कर सकती है।