📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bhullargraphic
स्वास्थ्य
पंजाब में खरीफ़ की पराली घटी, फिर भी AQI 102, स्वास्थ्य को खतरा
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 07 अक्टू. 2026, 08:45 AM
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खरीफ़ के दौरान पराली में कमी आई, पर AQI 102 तक पहुँचने से दमा और दिल के रोगियों को परेशानी।
पंजाब के खेतों में इस खरीफ़ में पराली की घटनाओं में स्पष्ट कमी आई है, स्थानीय निगरानी एजेंसियों के अनुसार। यह गिरावट बेहतर नमी स्तर और किसानों में आग के खतरे के प्रति बढ़ती जागरूकता को कारण माना गया है।
पराली कम होने के बावजूद, राज्य का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) हाल ही में 102 तक पहुँच गया, जिससे क्षेत्र "मध्यम प्रदूषित" श्रेणी में आया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर से श्वसन और हृदय संबंधी रोगियों की स्थिति बिगड़ सकती है।
मुख्य शहरों के चिकित्सकों ने बताया कि दमा और दिल के रोगियों में लक्षणों की बढ़ती शिकायतें मिल रही हैं, क्योंकि धुंधली हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों से स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। उन्होंने संवेदनशील समूहों को बाहर की गतिविधियों को सीमित करने और आवश्यक होने पर मास्क पहनने की सलाह दी है।
पंजाब सरकार ने कृषि और स्वास्थ्य विभागों के बीच समन्वय को बढ़ाते हुए, कृषि प्रथाओं और वायु गुणवत्ता की निरंतर निगरानी करने का वचन दिया है, ताकि फसल के मौसम में सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।
पराली कम होने के बावजूद, राज्य का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) हाल ही में 102 तक पहुँच गया, जिससे क्षेत्र "मध्यम प्रदूषित" श्रेणी में आया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर से श्वसन और हृदय संबंधी रोगियों की स्थिति बिगड़ सकती है।
मुख्य शहरों के चिकित्सकों ने बताया कि दमा और दिल के रोगियों में लक्षणों की बढ़ती शिकायतें मिल रही हैं, क्योंकि धुंधली हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों से स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। उन्होंने संवेदनशील समूहों को बाहर की गतिविधियों को सीमित करने और आवश्यक होने पर मास्क पहनने की सलाह दी है।
पंजाब सरकार ने कृषि और स्वास्थ्य विभागों के बीच समन्वय को बढ़ाते हुए, कृषि प्रथाओं और वायु गुणवत्ता की निरंतर निगरानी करने का वचन दिया है, ताकि फसल के मौसम में सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।