📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rambo1699
राजनीति
पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 13.60 लाख मतदाता हटाए
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 15 अक्टू. 2026, 09:31 AM
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पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो गया, जिससे मतदाता सूची से 13.60 लाख नाम हटाए गए।
भारत निर्वाचन आयोग ने पंजाब के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया समाप्त कर ली है। इस व्यापक सफाई में लगभग 13.60 लाख ऐसे नाम हटाए गए जो अनुपयुक्त, डुप्लिकेट या अन्य कारणों से अयोग्य माने गए थे।
आगामी चुनावों से पहले मतदाता डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह पुनरीक्षण किया गया, जिसमें आयु, निवास और पहचान दस्तावेज़ों की विस्तृत जाँच शामिल थी। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता सूची को व्यवस्थित करने और विसंगतियों को रोकने के प्रयास का हिस्सा है।
अब संशोधित सूची के साथ, राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को अपने मतदाता संपर्क रणनीतियों को पुनः समायोजित करना पड़ेगा, क्योंकि इस कटौती से निर्वाचन क्षेत्रों में गणना पर असर पड़ सकता है।
निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे आधिकारिक पोर्टलों के माध्यम से अपनी पंजीकरण स्थिति की पुष्टि करें और अंतिम सूची के फ्रीज़ होने से पहले आवश्यक सुधार प्रस्तुत करें।
पंजाब में 13.60 लाख मतदाता हटाए जाने के प्रभाव को सभी पक्ष निकटता से देखेंगे, पर आयोग ने स्पष्ट किया कि यह परिवर्तन केवल अयोग्य प्रविष्टियों को हटाने का परिणाम है, न कि कुल मतदाता संख्या में बदलाव।
आगामी चुनावों से पहले मतदाता डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह पुनरीक्षण किया गया, जिसमें आयु, निवास और पहचान दस्तावेज़ों की विस्तृत जाँच शामिल थी। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता सूची को व्यवस्थित करने और विसंगतियों को रोकने के प्रयास का हिस्सा है।
अब संशोधित सूची के साथ, राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को अपने मतदाता संपर्क रणनीतियों को पुनः समायोजित करना पड़ेगा, क्योंकि इस कटौती से निर्वाचन क्षेत्रों में गणना पर असर पड़ सकता है।
निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे आधिकारिक पोर्टलों के माध्यम से अपनी पंजीकरण स्थिति की पुष्टि करें और अंतिम सूची के फ्रीज़ होने से पहले आवश्यक सुधार प्रस्तुत करें।
पंजाब में 13.60 लाख मतदाता हटाए जाने के प्रभाव को सभी पक्ष निकटता से देखेंगे, पर आयोग ने स्पष्ट किया कि यह परिवर्तन केवल अयोग्य प्रविष्टियों को हटाने का परिणाम है, न कि कुल मतदाता संख्या में बदलाव।