📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kamran sardar
कृषि
पंजाब की फसल विविधता योजना विफल, चावल ने 92% ज़मीन पर कब्ज़ा
✍️ The Indian Express
🗓 29 अग. 2026, 08:33 PM
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पंजाब में फसल विविधता की योजना टलती दिख रही है, चावल अब 92% खेती योग्य ज़मीन पर हावी है।
पंजाब सरकार की फसल विविधता को बढ़ावा देने वाली योजना अब तक अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई है। विभिन्न अनुदान और जागरूकता अभियानों के बावजूद, चावल की खेती का हिस्सा अत्यधिक बना हुआ है।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वर्तमान में चावल 92% खेती योग्य भूमि पर उगाया जा रहा है, जिससे दाल, गेहूँ, तिल या अन्य फसलों का प्रसार बहुत सीमित रहा है। यह स्थिति पानी‑गहन धान खेती को मिलने वाले सब्सिडी और बाजार की माँग के कारण बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी अधिक एकल फसल पर निर्भरता मिट्टी की उर्वरता, जल संसाधन और किसानों की आय के लिए खतरा बन सकती है, खासकर जब पंजाब में जल स्तर पहले से ही घट रहा है। राज्य अब इस नीति की पुनः समीक्षा कर सकता है, पर अभी तक कोई ठोस कदम घोषित नहीं हुआ है।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वर्तमान में चावल 92% खेती योग्य भूमि पर उगाया जा रहा है, जिससे दाल, गेहूँ, तिल या अन्य फसलों का प्रसार बहुत सीमित रहा है। यह स्थिति पानी‑गहन धान खेती को मिलने वाले सब्सिडी और बाजार की माँग के कारण बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी अधिक एकल फसल पर निर्भरता मिट्टी की उर्वरता, जल संसाधन और किसानों की आय के लिए खतरा बन सकती है, खासकर जब पंजाब में जल स्तर पहले से ही घट रहा है। राज्य अब इस नीति की पुनः समीक्षा कर सकता है, पर अभी तक कोई ठोस कदम घोषित नहीं हुआ है।