📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anil thakur chairman
राजनीति
पंजाब के धामी ने राम रहीम की बार‑बार पैरोल की निंदा, सिख बंदियों की रिहाई की मांग
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 25 अग. 2026, 09:33 PM
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धामी ने राम रहीम को लगातार पैरोल मिलने की आलोचना की और सिख बंदियों को पैरोल न मिलने पर सवाल उठाए।
पंजाब के मंत्री धामी ने देरा सचा सौदा के प्रमुख राम रहीम को बार‑बार पैरोल और फरलो मिलने की कड़ी निंदा की, यह कहा कि यह प्रथा न्याय के सिद्धांत को कमजोर करती है। उन्होंने बताया कि राम रहीम को कई बार पैरोल मिल रहा है, जबकि लंबे समय से जेल में बंद सिख बंदियों को बीमार परिजनों से मिलने के लिए भी पैरोल नहीं दिया गया है।
धामी के इन बयानों का संदर्भ राज्य में चल रहे न्यायिक मामलों की बहस के बीच आया, जहाँ कई हाई‑प्रोफ़ाइल केसों को मीडिया का ध्यान मिला है। उन्होंने कहा कि इस तरह की असमानता से विशेषकर सिख समुदाय के कैदियों में पक्षपात की भावना उत्पन्न होती है।
मंत्री ने राज्य सरकार से पैरोल नीतियों की पुनः समीक्षा करने और सभी कैदियों को, उनकी पृष्ठभूमि चाहे जो भी हो, मानवीय कारणों के लिए समान अवसर देने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शी और सुसंगत ढांचा अपनाने की सलाह दी, ताकि आगे की शिकायतों से बचा जा सके।
धामी ने इस असमानता को उजागर करके संकेत दिया कि यह मुद्दा राजनीतिक टकराव का कारण बन सकता है, और नीति निर्माताओं से कार्रवाई करने का आग्रह किया ताकि सार्वजनिक असंतोष बढ़ने से रोका जा सके।
धामी के इन बयानों का संदर्भ राज्य में चल रहे न्यायिक मामलों की बहस के बीच आया, जहाँ कई हाई‑प्रोफ़ाइल केसों को मीडिया का ध्यान मिला है। उन्होंने कहा कि इस तरह की असमानता से विशेषकर सिख समुदाय के कैदियों में पक्षपात की भावना उत्पन्न होती है।
मंत्री ने राज्य सरकार से पैरोल नीतियों की पुनः समीक्षा करने और सभी कैदियों को, उनकी पृष्ठभूमि चाहे जो भी हो, मानवीय कारणों के लिए समान अवसर देने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शी और सुसंगत ढांचा अपनाने की सलाह दी, ताकि आगे की शिकायतों से बचा जा सके।
धामी ने इस असमानता को उजागर करके संकेत दिया कि यह मुद्दा राजनीतिक टकराव का कारण बन सकता है, और नीति निर्माताओं से कार्रवाई करने का आग्रह किया ताकि सार्वजनिक असंतोष बढ़ने से रोका जा सके।