📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Raakesh Blokhra
अपराध
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने 21 वर्ष बाद कर्तव्यपूर्ण हत्या के दोषसिद्धि को रद्द किया
✍️ Live Law
🗓 10 अग. 2026, 10:48 PM
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पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने 21 वर्ष बाद कर्तव्यपूर्ण हत्या के दोषसिद्धि को रद्द कर दिया, प्रक्रिया संबंधी चिंताओं को कारण बताया।
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने 21 वर्ष बाद कर्तव्यपूर्ण हत्या के दोषसिद्धि को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने मामले की समीक्षा के बाद पाया कि मूल परीक्षण में प्रक्रियागत त्रुटियों के कारण निर्णय की वैधता पर सवाल उठता है।
यह निर्णय उस याचिका के बाद आया है, जिसमें दोषी पक्ष ने तर्क दिया कि प्रस्तुत साक्ष्य अपर्याप्त थे और महत्वपूर्ण प्रक्रियागत कदमों का पालन नहीं किया गया था। निचली अदालत ने दोषसिद्धि को बरकरार रखा था, पर उच्च न्यायालय ने पाया कि मामले के मेरिट्स को निर्णायक रूप से स्थापित नहीं किया जा सका।
यह फैसला न्यायिक व्यवस्था की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि दोषसिद्धियाँ ठोस कानूनी प्रक्रियाओं पर आधारित हों। यह यह भी याद दिलाता है कि लंबे समय से तय मामलों को भी प्रक्रियागत त्रुटियों के पाए जाने पर पुनः देखा जा सकता है।
यह निर्णय उस याचिका के बाद आया है, जिसमें दोषी पक्ष ने तर्क दिया कि प्रस्तुत साक्ष्य अपर्याप्त थे और महत्वपूर्ण प्रक्रियागत कदमों का पालन नहीं किया गया था। निचली अदालत ने दोषसिद्धि को बरकरार रखा था, पर उच्च न्यायालय ने पाया कि मामले के मेरिट्स को निर्णायक रूप से स्थापित नहीं किया जा सका।
यह फैसला न्यायिक व्यवस्था की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि दोषसिद्धियाँ ठोस कानूनी प्रक्रियाओं पर आधारित हों। यह यह भी याद दिलाता है कि लंबे समय से तय मामलों को भी प्रक्रियागत त्रुटियों के पाए जाने पर पुनः देखा जा सकता है।