📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gopal Aggarwal
शिक्षा
पंजाब‑हरियाणा हाईकोर्ट में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के हिंसा मामले की सुनवाई
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 29 सित. 2026, 02:16 PM
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फगवाड़ा के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुए हिंसा मामले को लेकर छात्र द्वारा दायर जनहित याचिका अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंची है, सुनवाई 30 सितंबर को होगी और सीबीआई जांच की मांग की गई है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुए हिंसा मामले को लेकर छात्र द्वारा दायर जनहित याचिका को स्वीकार किया है। याचिकाकर्ता ने विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच को अपर्याप्त मानते हुए सीबीआई की जांच की मांग की है।
याचिका के अनुसार, इस साल कैंपस में हिंसा भड़की, जिससे कई छात्रों को चोटें आईं और छात्र समुदाय में व्यापक अशांति फैली। याचिकाकर्ता का तर्क है कि तथ्यों की सच्ची जांच और जिम्मेदारी तय करने के लिए एक स्वतंत्र, संघीय स्तर की जांच आवश्यक है।
कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 30 सितंबर को निर्धारित की है, जहाँ पक्षकार सीबीआई जांच की मांग और प्रक्रिया संबंधी पहलुओं पर तर्क प्रस्तुत करेंगे। इस निर्णय से भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में कैंपस हिंसा की जांच के मानदंड स्थापित हो सकते हैं।
यदि कोर्ट सीबीआई जांच का आदेश देता है, तो एजेंसी को सबूत इकट्ठा करने, गवाहों से पूछताछ करने और यह निर्धारित करने का काम सौंपा जाएगा कि कोई आपराधिक कृत्य हुआ है या नहीं। यह फैसला देश भर के विश्वविद्यालयों और छात्र संगठनों की नज़र में रहेगा।
याचिका के अनुसार, इस साल कैंपस में हिंसा भड़की, जिससे कई छात्रों को चोटें आईं और छात्र समुदाय में व्यापक अशांति फैली। याचिकाकर्ता का तर्क है कि तथ्यों की सच्ची जांच और जिम्मेदारी तय करने के लिए एक स्वतंत्र, संघीय स्तर की जांच आवश्यक है।
कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 30 सितंबर को निर्धारित की है, जहाँ पक्षकार सीबीआई जांच की मांग और प्रक्रिया संबंधी पहलुओं पर तर्क प्रस्तुत करेंगे। इस निर्णय से भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में कैंपस हिंसा की जांच के मानदंड स्थापित हो सकते हैं।
यदि कोर्ट सीबीआई जांच का आदेश देता है, तो एजेंसी को सबूत इकट्ठा करने, गवाहों से पूछताछ करने और यह निर्धारित करने का काम सौंपा जाएगा कि कोई आपराधिक कृत्य हुआ है या नहीं। यह फैसला देश भर के विश्वविद्यालयों और छात्र संगठनों की नज़र में रहेगा।