📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
नौकरी
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पीआरटीसी के आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश रद्द किया
✍️ Amar Ujala · Patiala
🗓 10 सित. 2026, 09:33 AM
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पंजाब‑हरियाणा हाईकोर्ट ने पीईपीएसयू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने के एकल पीठ के आदेश को निरस्त कर दिया।
पंजाब‑हरियाणा हाईकोर्ट ने पीईपीएसयू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) के आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने के एकल पीठ के आदेश को निरस्त कर दिया है। यह आदेश पहले एकल पीठ द्वारा जारी किया गया था, जिसमें अनुबंधित कर्मचारियों को स्थायी पदों में बदलने का निर्देश दिया गया था, जिससे कर्मचारियों में नौकरी की सुरक्षा की आशा जगी थी।
नए पूर्ण पीठ के फैसले में कहा गया है कि वह एकल पीठ का निर्देश कानूनी रूप से मान्य नहीं है, इसलिए उसे लागू नहीं किया जा सकता। परिणामस्वरूप, आउटसोर्स कर्मचारियों को उनके मौजूदा अनुबंधीय शर्तों के तहत ही कार्य करना जारी रहेगा, बिना स्थायी सरकारी पदों के लाभों के।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में बड़े पैमाने पर अनुबंधित कर्मचारियों के नियमितीकरण से पहले स्पष्ट विधायी ढाँचे की आवश्यकता को रेखांकित करता है। पीआरटीसी को आगे की कार्रवाई से पहले संबंधित प्राधिकरणों से मार्गदर्शन लेने का निर्देश दिया गया है।
यह फैसला राज्य के परिवहन नेटवर्क में अनुबंधित रूप से कार्यरत कई कर्मचारियों को प्रभावित करेगा और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में समान मामलों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
नए पूर्ण पीठ के फैसले में कहा गया है कि वह एकल पीठ का निर्देश कानूनी रूप से मान्य नहीं है, इसलिए उसे लागू नहीं किया जा सकता। परिणामस्वरूप, आउटसोर्स कर्मचारियों को उनके मौजूदा अनुबंधीय शर्तों के तहत ही कार्य करना जारी रहेगा, बिना स्थायी सरकारी पदों के लाभों के।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में बड़े पैमाने पर अनुबंधित कर्मचारियों के नियमितीकरण से पहले स्पष्ट विधायी ढाँचे की आवश्यकता को रेखांकित करता है। पीआरटीसी को आगे की कार्रवाई से पहले संबंधित प्राधिकरणों से मार्गदर्शन लेने का निर्देश दिया गया है।
यह फैसला राज्य के परिवहन नेटवर्क में अनुबंधित रूप से कार्यरत कई कर्मचारियों को प्रभावित करेगा और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में समान मामलों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।