📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Steve Snodgrass from Shreveport, USA
कृषि
पंजाब सरकार ने चंडीगढ़‑मोहरी सीमा पर किसान मोर्चे की अधिकांश माँगों को मौखिक मंजूरी दी
✍️ Amar Ujala · Mohali
🗓 07 सित. 2026, 09:48 AM
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रविवार को हुई बैठक में संयुक्त किसान मोर्चे और पंजाब सरकार ने अधिकांश माँगों पर मौखिक सहमति जताई, किसान लिखित आश्वासन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने चंडीगढ़‑मोहरी सीमा पर पंजाब सरकार के अधिकारियों के साथ रविवार को एक बैठक की, जिसमें किसान समुदाय की कई माँगों पर चर्चा हुई। यह बैठक दोनों पक्षों को सीधे संवाद करने के लिए एक तटस्थ स्थान पर आयोजित की गई।
बैठक के दौरान राज्य प्रतिनिधियों ने किसान प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत अधिकांश माँगों को मौखिक रूप से स्वीकार कर लिया। स्वीकार किए गए बिंदुओं की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की गई, पर सरकार की मौखिक मंजूरी को तनाव कम करने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में बताया गया।
किसानों ने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन मिलने तक वे अपनी कार्रवाई को रोकेंगे। उन्होंने कहा कि लिखित दस्तावेज़ के बिना वे आगे की कोई भी कदम नहीं उठाएंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि मौखिक समझौता नीतियों के शीघ्र कार्यान्वयन की राह खोल सकता है, पर लिखित प्रमाण की कमी से पंजाब के कृषि समुदाय में अनिश्चितता बनी रह सकती है।
बैठक के दौरान राज्य प्रतिनिधियों ने किसान प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत अधिकांश माँगों को मौखिक रूप से स्वीकार कर लिया। स्वीकार किए गए बिंदुओं की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की गई, पर सरकार की मौखिक मंजूरी को तनाव कम करने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में बताया गया।
किसानों ने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन मिलने तक वे अपनी कार्रवाई को रोकेंगे। उन्होंने कहा कि लिखित दस्तावेज़ के बिना वे आगे की कोई भी कदम नहीं उठाएंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि मौखिक समझौता नीतियों के शीघ्र कार्यान्वयन की राह खोल सकता है, पर लिखित प्रमाण की कमी से पंजाब के कृषि समुदाय में अनिश्चितता बनी रह सकती है।