📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
नौकरी
पंजाब सरकार ने लंबित डीए के कारण कर्मचारियों की सामूहिक छुट्टी को अवैध कहा, कार्रवाई की चेतावनी
✍️ India Today
🗓 09 सित. 2026, 03:37 AM
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पंजाब प्रशासन ने देरी से मिलने वाले डीए के कारण कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित सामूहिक अवकाश को अवैध घोषित कर कार्रवाई की चेतावनी दी।
पंजाब राज्य सरकार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि देरी से मिलने वाले डीए (डियरनेस अलाउंस) को लेकर कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित सामूहिक अवकाश अवैध है। इस नोटिस में बताया गया कि डीए को लागत‑उत्थान समायोजन के रूप में माना जाता है और बिना उचित प्रक्रिया के बड़े पैमाने पर अनुपस्थिति नहीं ली जा सकती।
सरकार ने चेतावनी दी कि इस अनधिकृत अवकाश में भाग लेने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को अपने मुद्दों को आधिकारिक चैनलों के माध्यम से उठाने और सामूहिक हड़ताल के बजाय संवाद करने का आग्रह किया गया।
यह घोषणा तब आई है जब राज्य के कर्मचारियों में डीए संशोधन में देरी को लेकर असंतोष बढ़ रहा है, जिससे उनकी वास्तविक वेतन पर असर पड़ रहा है। सरकार ने चिंताओं को स्वीकार किया, परन्तु कानून और सेवा निरंतरता को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
विलंबित डीए के संभावित दंड या समयसीमा के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई, और सरकार ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए शांति और संवाद का आह्वान किया।
सरकार ने चेतावनी दी कि इस अनधिकृत अवकाश में भाग लेने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को अपने मुद्दों को आधिकारिक चैनलों के माध्यम से उठाने और सामूहिक हड़ताल के बजाय संवाद करने का आग्रह किया गया।
यह घोषणा तब आई है जब राज्य के कर्मचारियों में डीए संशोधन में देरी को लेकर असंतोष बढ़ रहा है, जिससे उनकी वास्तविक वेतन पर असर पड़ रहा है। सरकार ने चिंताओं को स्वीकार किया, परन्तु कानून और सेवा निरंतरता को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
विलंबित डीए के संभावित दंड या समयसीमा के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई, और सरकार ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए शांति और संवाद का आह्वान किया।